Vat Saptami 2026: वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश यानी त्रिदेव का वास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट यानी बरगद के पेड़ की शाखाओं में बृह्मा, तने में विष्णु और जड़ में महादेव विराजते हैं। इसलिए इस वृक्ष का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। ज्येष्ठ मास में इस वृक्ष की पूजा अखंड सौभाग्य के लिए की जाती है। विवाहित महिलाएं ज्येष्ठ अमावस्या और ज्येष्ठ पूर्णिमा को वट सावित्रि व्रत करती हैं। वहीं, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को बड़ साते या वट सप्तमी व्रत किया जाता है।
