Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री का व्रत हिंदू धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली व्रत में से एक माना जाता है। विवाहित स्त्रियां ये व्रत पति की लंबी उम्र, संतान प्राप्ति और सौभाग्य की कामना के लिए करती हैं। ये व्रत हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि और और ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन किया जाता है। इस व्रत को वरगदाई के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि जो स्त्रियां पूरी आस्था और विधि-विधान से ये व्रत करती हैं, वह सभी पापों से मुक्त होकर निश्चित रूप से अखंड सौभाग्य प्राप्त करती हैं। व्रत करने वाली विवाहित स्त्रियां इस दिन वट वृक्ष की पूजा करती हैं। वट वृक्ष दीर्घायु और स्थिरता का प्रतीक है, इसलिए पति की लंबी आयु के लिए इसकी पूजा की जाती है। इसके हर हिस्से में देवताओं का वास है। माना जाता है कि इसकी जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु और शाखाओं में भगवान शिव वास करते हैं।
