Shukra Uday 2026: वैभव, ऐश्वर्य, सौंदर्य और प्रेम के कारक ग्रह शुक्र 01 फरवरी को उदय होने जा रहे हैं। इनके उदय होने के बाद शादी, सगाई, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो सकेंगे, जो खरमास समाप्त होने के बावजूद रुके हुए थे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मांगलिक कार्यों में सिर्फ दिन, वार और समय ही नहीं देखा जाता है गुरु और शुक्र की स्थिति का भी संज्ञान लिया जाता है। ये दोनों ग्रह अगर अस्त हैं, तो मांगलिक कार्य नहीं होते। बता दें, शुक्र अस्त से तीन दिन पहले "वार्धक्य" और शुक्र उदय से तीन दिन बाद तक "बालत्व दोष" माना जाता है। इन दिनों में भी कोई शुभ कार्य वर्जित रहता है।
ग्रह/तारा अस्त और उदय का अर्थ
ग्रह/तारा डूबने या चढ़ने का तात्पर्य उसके अस्त एवं उदय से होता है। यह वैसा ही है जैसे सूर्य का उदय और अस्त। भारतीय ज्योतिष में गुरु और शुक्र ग्रह को "तारा" माना गया है।
शुक्र ग्रह 12 दिसंबर 2025 की देर रात 02:10 बजे पूर्व दिशा में अस्त हुआ था। यह 01 फरवरी 2026, रविवार सुबह 07:05 बजे पश्चिम में उदय होगा। इनके मध्य अवधि में विवाह आदि मांगलिक कार्य पूरी तरह बंद थे। अतः 2026 में 01 फरवरी के बाद ही शुभ मुहूर्त में विवाह एवं मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे।
ज्योतिष गणना के अनुसार, इस साल विवाह के लिए कुल 59 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इनमें से सबसे अधिक 12 मुहूर्त अकेले फरवरी के महीने में हैं। ऐसे में विवाह मुहूर्त के लिए लोगों की निगाहें फरवरी और आने वाले महीनों पर टिकी हुई हैं।
फरवरी में विवाह के शुभ मुहूर्त
2026 में इस समय भी नहीं होगा शुभ कार्य
2026 में विवाह के शुभ मुहूर्त
मार्च, अप्रैल, मई, जून : हर महीने 8 मुहूर्त
20 नवंबर को देवउठनी एकादशी के साथ ही भगवान विष्णु जागेंगे और फिर से विवाह कार्यों की शुरुआत हो जाएगी।