Get App

Mohini Ekadashi kab hai: अप्रैल में इस दिन किया जाएगा मोहिनी एकादशी का व्रत, जानें इस व्रत का पौराणिक महत्व

Mohini Ekadashi kab hai: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित इस तिथि पर व्रत करने से भक्तों पापों से मुक्त होकर वैकुंड में स्थान पाते हैं। आइए जानें इस साल मोहिनी एकादशी का व्रत कब किया जाएगा और इसका पौराणित महत्व क्या है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 21, 2026 पर 8:08 PM
Mohini Ekadashi kab hai: अप्रैल में इस दिन किया जाएगा मोहिनी एकादशी का व्रत, जानें इस व्रत का पौराणिक महत्व
इस साल वैशाख माह की दूसरी एकादशी, मोहिनी एकादशी का व्रत 27 अप्रैल सोमवार को रखा जाएगा।

Mohini Ekadashi kab hai: मोहिनी एकादशी का व्रत वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत में बहुत से भक्त निराजल उपवास और रात्रि जागरण करते हैं। इस व्रत के नियमानुसार, हर हिंदू माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि से लेकर द्वादशी तिथि तक व्रत का पालन किया जाता है। इसलिए एकादशी व्रत को अत्यंत कठिन लेकिन भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए सबसे सरल मार्ग के रूप में जाना जाता है।

पूरे साल आने वाले एकादशी व्रत में मोहिनी एकादशी व्रत का अलग स्थान है, क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की पूजा की जाती है। श्री हरि के इस स्वरूप का संबंध समुद्र मंथन से है, जब अमृत के बंटवारे पर देवा और दानवों में संघर्ष होने लगा था। भगवान विष्णु ने इस संघर्ष के समाधान के लिए मोहिनी रूप धारण किया था। आइए जानें इस साल ये व्रत कब किया जाएगा और इसका पौराणिक महत्व क्या है ?

मोहिनी एकादशी 2026 तारीख

पंचांग के अनुसार, इस साल वैशाख शुक्ल एकादशी तिथि 26 अप्रैल रविवार को शाम 6:06 बजे से 27 अप्रैल को शाम 6:15 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर मोहिनी एकादशी का व्रत 27 अप्रैल सोमवार को रखा जाएगा।

मोहिनी एकादशी की पूजा विधि

एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर नहाएं और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा का संकल्प लें। भगवान विष्णु को चंदन अर्पित करें और उनके सामने घी का दीपक जलाएं। इस दिन भगवान के विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए। भगवान विष्णु का पंचामृत और जल से अभिषेक करें। उन्हें पीले फूल और तुलसी पत्र चढ़ाएं। धूप, दीप से आरती करें। एकादशी व्रत के बाद रात में भजन कीर्तन करें। पुराणों में कहा गया है कि जो एकादशी के दिन व्रत करता है, उसे गौदान के बराबर फल मिलता है।

मोहिनी एकादशी का पौराणिक महत्व

सब समाचार

+ और भी पढ़ें