Dream 11 के जाते ही BCCI ने टीम इंडिया के लिए शुरू की नये टाइटल स्पॉन्सर की तलाश, जानें क्या है प्रोसेस

रियल मनी गेमिंग पर लगे बैन से सभी फैंटेसी गेमिंग कंपनियों के रेवेन्यू पर बड़ा असर पड़ा है। नए कानून में साफ लिखा है कि कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन मनी गेमिंग सर्विस उपलब्ध नहीं करा सकता, न उनकी मदद कर सकता है और न ही उनका प्रचार-प्रसार कर सकता है

अपडेटेड Aug 25, 2025 पर 7:29 PM
BCCI ने अब टीम इंडिया के लिए नया स्पॉन्सर ढूंढने का प्रोसेस शुरू कर दिया है।

BCCI ने अब टीम इंडिया के लिए नया स्पॉन्सर ढूंढने का प्रासेस शुरू कर दिया है। फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनी ड्रीम11 अब भारतीय क्रिकेट टीम की टाइटल स्पॉन्सर नहीं रही। हालाकि, बोर्ड की कोशिशें जारी हैं, लेकिन माना जा रहा है कि अगले महीने होने वाले एशिया कप से पहले नए स्पॉन्सर पर अंतिम फैसला होना मुश्किल है।

BCCI ने शुरू किया प्रासेस

बता दें कि सरकार ने हाल ही में पास किए गए ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन बिल 2025 ’ के तहत रियल-मनी गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर बैन लगा दिया है। इसी वजह से ड्रीम11 अब एशिया कप से भारतीय क्रिकेट टीम का टाइटल स्पॉन्सर नहीं रहेगा। वहीं बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इसकी पुष्टि की और बताया कि बोर्ड अब राष्ट्रीय टीमों के लिए नए टाइटल स्पॉन्सर ढूंढने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है।

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सोमवार को पीटीआई से बातचीत में कहा, "हमारी स्थिति साफ है। सरकारी नियमों के मुताबिक, बीसीसीआई अब ड्रीम11 या किसी भी ऐसी गेमिंग कंपनी के साथ स्पॉन्सरशिप नहीं कर सकता। नए कानून के चलते ड्रीम11 के साथ हमारा करार आगे बढ़ाना नामुमकिन हो गया है।" उन्होंने आगे कहा, "इसलिए हमें उनके साथ डील तोड़ने पड़े और अब हम नए ऑपशन तलाश रहे हैं। स्पॉन्सर की खाली जगह भरने की कोशिश चल रही है, लेकिन अभी तक कुछ तय नहीं हुआ है। जैसे ही कोई फैसला होगा, मीडिया को आधिकारिक रूप से बता दिया जाएगा।"

रियल मनी गेमिंग पर सख्त कानून का असर


रियल मनी गेमिंग पर लगे बैन से सभी फैंटेसी गेमिंग कंपनियों के रेवेन्यू पर बड़ा असर पड़ा है। नए कानून में साफ लिखा है कि कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन मनी गेमिंग सर्विस उपलब्ध नहीं करा सकता, न उनकी मदद कर सकता है और न ही उनका प्रचार-प्रसार कर सकता है। किसी भी तरह का एड, जो डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से लोगों को ऐसे गेम खेलने के लिए प्रेरित करता हो, पूरी तरह बैन है। अगर कोई इस नियम को तोड़ता है तो उस पर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना या तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

समय से पहले खत्म हुआ ड्रीम11 की डील

ड्रीम11 ने साल 2023 में भारतीय राष्ट्रीय टीमों (सीनियर पुरुष, महिला, अंडर-23, अंडर-19 पुरुष और महिला) के लिए तीन साल का करार जीता था। यह डील ₹358 करोड़ (लगभग 44 मिलियन डॉलर) में हुई थी। अब, डील की अवधि में लगभग एक साल बाकी रहते हुए ही ड्रीम11 इससे बाहर हो रहा है। हालांकि, इसके लिए कंपनी पर किसी तरह का जुर्माना या दंड लगाए जाने की संभावना नहीं है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि बीसीसीआई ड्रीम11 की स्थिति को समझता है। इस स्थिति से बीसीसीआई का मुनाफा भी फिलहाल प्रभावित होगा और अब बोर्ड को नई रणनीति बनानी होगी। उन्होंने आगे बताया कि भारत का पहला एशिया कप मैच शुरू होने में सिर्फ़ 15 दिन बचे हैं, ऐसे में नए स्पॉन्सर ढूंढना काफी मुश्किल होगा।

नई स्पॉन्सरशिप में लगेगा समय

BCCI के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय टीम के लिए नया टाइटल स्पॉन्सर चुनने की एक तय प्रोसेस होता है। इसके तहत पहले नोटिस जारी कर आक्शन के लिए बुलाया जाता है। उसके बाद ऑक्शन की जांच की जाती है और अंत में टीम के लिए स्पॉन्सर का नाम तय होता है। अधिकारी ने कहा कि इस पूरे प्रासेस में समय लेगता है और इसे सभी कानूनी नियमों का पालन करते हुए ही पूरा किया जाएगा।

आईपीएल पर भी पड़ेगा असर

ड्रीम11 के बाहर होने के बाद, अब My11Circle के लिए भी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का फ़ैंटेसी स्पोर्ट्स पार्टनर बने रहना मुश्किल हो सकता है। कंपनी ने पांच साल के डील के तहत कुल ₹625 करोड़ (हर साल ₹125 करोड़) देने का वादा किया था। एक अधिकारी ने कहा, "स्पष्ट है कि हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं। असली पैसे वाले गेमिंग पर निर्भर किसी भी कंपनी को बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा। लेकिन आईपीएल के मामले में बीसीसीआई के पास पर्याप्त समय है। अगर कोई कंपनी बाहर निकलती है तो भी समस्या नहीं होगी।"

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