वैभव सूर्यवंशी का नाम, भारत में क्रिकेट को पसंद करने वाला हर कोई जानने लगा है। सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव ने बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। इंटरेनशनल क्रिकेट में कदम रखने के साथ ही उन्होंने सभी को अपना दीवाना बना लिया है। वहीं वैभव को लेकर बीसीसीआई भी अब काफी गंभीर है और वो इस युवा बल्लेबाज को सचिन तेंदुलकर जैसा बड़ा नाम बनते देखना चाहती है। गुरुवार को हुई बीसीसीआई की समीक्षा बैठक में इसकी भी चर्चा हुई। मीटिंग के बाद सचिव देवजीत सैकिया ने इसका खुलासा किया।
दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के उप-कप्तान की जिम्मेदारी संभाल रहे वैभव सूर्यवंशी से उम्मीद की जा रही है कि वह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की तरह लंबा और शानदार क्रिकेट करियर बनाएं। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि बोर्ड इस युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन और करियर पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने बताया कि वैभव के भविष्य को लेकर बीसीसीआई की टीम हर जरूरी कदम पर उसका ध्यान रख रही है।
सचिन जैसे नाम बनाने की तैयारी!
सैकिया ने रिपोर्टर्स से कहा कि बीसीसीआई चाहता है कि वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी देश के लिए उसी तरह शानदार प्रदर्शन करें, जिस तरह सचिन तेंदुलकर और दूसरे महान खिलाड़ियों ने किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड वैभव को लेकर काफी गंभीर है और उसके प्रदर्शन के साथ-साथ इंटरनेशनल करियर में आगे बढ़ने वाले हर कदम पर नजर रख रहा है। बीसीसीआई उसके भविष्य को लेकर बेहद करीब से काम कर रहा है, ताकि वह आगे चलकर देश के लिए लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन कर सके।
सैकिया ने रिपोर्टर्स से कहा, “हम चाहते हैं कि वैभव सूर्यवंशी या उनके स्तर का कोई भी खिलाड़ी देश के लिए उसी तरह खेले, जैसे सचिन तेंदुलकर और दूसरे महान खिलाड़ियों ने खेलकर अपनी पहचान बनाई।” उन्होंने आगे कहा, “इसी वजह से हम वैभव को काफी गंभीरता से लेते हैं। उसके खेल के हर पहलू और इंटरनेशनल करियर में आगे बढ़ने वाले हर कदम पर नजर रखी जा रही है। बीसीसीआई उसके भविष्य को लेकर बहुत करीब से नजर रख रहा है।”
वैभव के बल्लेबाजी के सभी फैन
बता दें कि, बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में सिर्फ पांच मैच खेले हैं, लेकिन उनके प्रदर्शन ने बीसीसीआई की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। बाएं हाथ के इस युवा ओपनर ने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार बल्लेबाजी की और 776 रन बनाए। उनके इस प्रदर्शन के दम पर उन्हें ऑरेंज कैप समेत कई पुरस्कार मिले और भारतीय टीम में जगह बनाने का मौका मिला।
इंटरनेशनल क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। इंग्लैंड के खिलाफ शुरुआती तीन मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके और पांचवें टी20 मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में भी जगह नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने जल्द ही वापसी करते हुए अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 200 से ज्यादा रन बनाए और शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार अपने नाम किया।