भारत और इंग्लैंड के बीच नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में खेले गए तीसरे वनडे में भारत को 125 रन से हार का सामना करना पड़ा। वहीं इस मैच में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी से फैंस काफी एक्साईटेड थे। अपने 46वें जन्मदिन के मौके पर धोनी भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा मैच देखने स्टेडियम पहुंचे थे। जैसे ही पूर्व भारतीय कप्तान स्टेडियम पहुंचे, दर्शकों ने तालियों और नारों से उनका जोरदार स्वागत किया। धोनी ने भी मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकार किया।
वहीं इस दौरान धोनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंग्लैंड की जीत के बावजूद ट्रेंट ब्रिज में सबसे ज्यादा चर्चा महेंद्र सिंह धोनी की रही।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
वहीं इस दौरान उनका एक खास अंदाज कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। X पर वायरल हो रहे एक वीडियो में महेंद्र सिंह धोनी फैंस की ओर इशारा करते नजर आए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि, 'अब वह बूढ़े हो गए हैं और अगर बल्लेबाजी करने उतरेंगे, तो विकेटों के बीच तेजी से दौड़ना उनके लिए आसान नहीं होगा।'
आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेले थे धोनी
धोनी से आईपीएल 2026 में दमदार वापसी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन फिटनेस से जुड़ी परेशानियों के कारण वह पूरे सीजन मैदान से दूर रहे। अब भी यह साफ नहीं है कि वह अगले आईपीएल सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते नजर आएंगे या नहीं। फैंस उनकी वापसी को लेकर बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
कड़े सुरक्षा में स्टेडियम से बाहर निकाला गया
नॉटिंघम में महेंद्र सिंह धोनी की लोकप्रियता एक बार फिर देखने को मिली। मैच खत्म होने के बाद जब वह स्टेडियम से बाहर निकले, तो उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में फैंस जुट गए। कड़ी सुरक्षा के बीच धोनी भीड़ के बीच से आगे बढ़े, जबकि चारों ओर उनके नाम के नारे गूंज रहे थे। फैंस उनकी एक झलक पाने और उन्हें करीब से देखने के लिए उत्साहित नजर आए।
महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिना जाता है। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाज के रूप में पहचान बनाई, जबकि बाद में वह मैच को अंत तक ले जाकर जीत दिलाने वाले बेहतरीन फिनिशर बन गए। कप्तान के तौर पर भी उन्होंने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने 2007 का टी20 विश्व कप, 2011 का वनडे विश्व कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा।