आईसीसी ने टेस्ट क्रिकेट में एक नया नियम आजमाने की मंजूरी दी है। खराब रोशनी की वजह से खेल रुकने की समस्या को कम करने के लिए आईसीसी ने गुलाबी गेंद के इस्तेमाल को ट्रायल आधार पर मंजूरी दी है। ये फैसला अहमदाबाद में हुई आईसीसी की वार्षिक बैठक में लिया गया। वहीं ये नियम तभी लागू होगा जब किसी टेस्ट सीरीज के शुरू होने से पहले दोनों टीमें इस पर सहमत हों। इस पहल का मकसद खेल का समय बचाना और ज्यादा से ज्यादा ओवर पूरे कराना है। अभी तक गुलाबी गेंद का उपयोग मुख्य रूप से डे-नाइट टेस्ट मैचों में ही किया जाता रहा है।
आईसीसी की दो दिवसीय बैठक में खेल से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। अब ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान हेड कोच को मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से बात करने की अनुमति होगी। इसके अलावा, संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन की जांच में मैच अधिकारियों को हॉक-आई तकनीक के आंकड़ों का उपयोग करने की मंजूरी दी गई है। लेग साइड वाइड से जुड़े ट्रायल नियम को भी स्थायी रूप से लागू करने का फैसला किया गया।
वार्षिक बैठक में लिया फैसला
अपने बयान में आईसीसी ने कहा, "टेस्ट मैचों में गुलाबी गेंद के इस्तेमाल का ट्रायल किया जाएगा, जिसके लिए दोनों टीमों की पहले से सहमति जरूरी होगी। इसका उद्देश्य खराब रोशनी की स्थिति में ज्यादा से ज्यादा खेल सुनिश्चित करना है।" जानकारी के अनुसार, मैच की शुरुआत पहले की तरह लाल गेंद से ही होगी। यदि रोशनी कम हो जाती है तो फ्लडलाइट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है और ऐसे समय में गुलाबी गेंद से खेल जारी रखा जा सकता है, ताकि वे ओवर पूरे किए जा सकें जो या फिर रद्द होने की स्थिति में होते।
दोनों टीमों की सहमती जरूरी
इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत टेस्ट मैच में रोजाना निर्धारित 90 ओवर पूरे कराने पर जोर दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर, यदि दिन के दौरान लाल गेंद से 75 ओवर का खेल हो चुका है और खराब रोशनी के कारण बाकी 15 ओवर पूरे करना मुश्किल हो जाता है, तो उन बचे हुए ओवरों को फ्लडलाइट्स की मदद से गुलाबी गेंद से खेला जा सकता है। ये नियम तभी संभव होगा जब सीरीज शुरू होने से पहले दोनों टीमें इस नियम पर सहमत हों। इस पहल का मकसद खराब रोशनी के कारण खेल का समय कम होने की समस्या को दूर करना और तय ओवरों का खेल पूरा कराना है।
सभी टीमें इस नए नियम से सहमत होंगी या नहीं इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। कई खिलाड़ियों के मुताबिक, गुलाबी गेंद लाल गेंद से अलग स्विंग और सीम मूवमेंट करती है और मैच पर असर डाल सकती है। वहीं, आईसीसी ने खराब रोशनी की समस्या को कम करने के लिए नई लाइटिंग तकनीक पर रिसर्च को भी मंजूरी दी है, जिस पर आईसीसी और मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब मिलकर काम करेंगे।
आईसीसी ने टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नियमों में कुछ अहम बदलावों को मंजूरी दी है। नए नियम के तहत अब टेस्ट मैचों में ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान हेड कोच या उनका प्रतिनिधि मैदान पर जाकर खिलाड़ियों को सलाह दे सकेगा। इसके अलावा, टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 15 मिनट का इनिंग ब्रेक अनिवार्य होगा और ब्रेक खत्म होते ही बल्लेबाजों को खेल शुरू करने के लिए तैयार रहना होगा।
अंपायर के लिए बनाए ये नियम
आईसीसी ने अंपायरिंग और नियमों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बदलावों को भी मंजूरी दी है। अब यदि किसी गेंदबाज के एक्शन पर संदेह होता है, तो मैच अधिकारी उसकी जांच के दौरान हॉक-आई तकनीक के आंकड़ों का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन की जांच और अधिक सटीक हो सकेगी। इसके अलावा, लेग साइड वाइड गेंद को लेकर चल रहे ट्रायल नियम को भी स्थायी रूप से लागू करने का फैसला किया गया है, जिससे भविष्य में इसी नियम का पालन किया जाएगा।
विमेंस को लेकर कहीं ये बात
आईसीसी ने बताया कि क्रिकेट के नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। वहीं महिला क्रिकेट में भी कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 अब जून-जुलाई की बजाय 14 से 28 फरवरी 2027 के बीच खेली जाएगी। इसके अलावा, महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी 2026 को भी मंजूरी मिल गई है। इस टूर्नामेंट में 10 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें 5 फुल मेंबर और 5 एसोसिएट देश शामिल होंगे। टीमों का चयन उनकी रैंकिंग और पिछले टी20 वर्ल्ड कप क्वालिफायर के प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
वहीं, सदस्यता नियमों के गंभीर उल्लंघन के कारण क्रिकेट कनाडा को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चुनावों की निगरानी के लिए आईसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।