T20 World Cup 2026 Final: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच ने स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म जियो हॉटस्टार पर दर्शकों की संख्या का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जब न्यूजीलैंड का आखिरी विकेट गिरा तब एक साथ 74.5 करोड़ दर्शक इसे देख रहे थे। भारत ने अहमदाबाद में हुए फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी आईसीसी टी20 विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की जो उसका तीसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब है। जब 19वें ओवर में न्यूजीलैंड का आखिरी विकेट गिरा और भारत को 96 रनों से जीत मिली, तब 74.5 करोड़ लोग मैच का सीधा प्रसारण देख रहे थे।
मैच के बाद आयोजित समारोह के दौरान यह संख्या बढ़कर 79.1 करोड़ हो गई। इस मैच का सीधा प्रसारण देखने वालों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ी और फिर उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। फाइनल मैच शुरू होने से पहले जब सिंगर रिकी मार्टिन ने परफॉर्म किया, तब ऐसे दर्शकों की संख्या 2.1 करोड़ थी। फिर टॉस होने तक यह संख्या बढ़कर 4.2 करोड़ हो गई।
भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने रविवार को कहा कि वह ड्रेसिंग रूम में मौजूद लोगों के प्रति ही जवाबदेह हैं। उन्होंने टी20 विश्व कप में भारत की खिताबी जीत वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ को समर्पित की। भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टी20 विश्व कप जीता। भारतीय टीम तीन बार टी20 विश्व कप (2007, 2024 और 2026) जीतने वाली पहली टीम बन गई।
गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, "मेरी जवाबदेही सोशल मीडिया पर लोगों के लिये नहीं है। मेरी जवाबदेही उन 30 लोगों के लिये है जो चेंज रूम में हैं।" उन्होंने कहा, "कोच टीम से बनता है। खिलाड़ियों ने मुझे वह कोच बनाया, जो मैं हूं।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं यह ट्रॉफी राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को समर्पित करता हूं। राहुल भाई को भारतीय टीम को इस मुकाम तक लाने के लिए और लक्ष्मण को सीओई में खिलाड़ियों की पाइपलाइन बनाने के लिये।" गंभीर ने मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर और बीसीसीआई के पूर्व सचिव और आईसीसी के मौजूदा अध्यक्ष जय शाह को भी धन्यवाद दिया।
कोच ने कहा, "अजित अगरकर ने काफी आलोचना झेली और पूरी ईमानदारी से काम किया। जय भाई ने मेरे कार्यकाल के सबसे खराब दौर में मुझे फोन किया।" गंभीर ने कप्तान सूर्यकुमार यादव की तारीफ करते हुए कहा, "सूर्या ने मेरा काम आसान कर दिया। वह पितातुल्य कप्तान की तरह है। बड़ा लक्ष्य ट्रॉफी जीतना है, उपलब्धियां नहीं। हमने कई साल तक उपलब्धियों का जश्न मनाया। मैं आप लोगों से आग्रह करूंगा कि निजी उपलब्धियों का जश्न मनाना छोड़ें।"
वही कप्तान सूर्यकुमार ने कहा, "मैने गौतम गंभीर की कप्तानी में चार साल खेला (केकेआर के लिए)। हमारे बीच कभी बहस नहीं हुई क्योंकि साझा लक्ष्य टीम को जिताना था। हमारी दोस्ती ऐसे ही हुई। वह दो कदम चले और मैं दो कदम।" उन्होंने कहा, "मैं यह नहीं कहूंगा कि सफेद गेंद का यह भारत का दौर है। ऐसा होता तो हम पिछली तीन में से दो वनडे सीरीज नहीं हारते। मैने भरोसे पर टीम चुनी , उम्मीद पर नहीं।"