भारत और इंग्लैंड के बीच अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल मुकाबला खेला गया। फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से मात दी है। इस जीत के साथ भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप का 6वां खिताब अपने नाम किया है। फाइनल मैच में बल्लेबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भारत के गेंदबाजों ने कमाल कर दिया। 412 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी इंग्लैड की टीम पूरे 50 ओवर नहीं खेल पाई। इंग्लैंड की पूरी टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से मात दी है। वैभव सूर्यवंशी 80 गेंदों में 175 रन बनाकर आउट हुए। अपनी पारी के दौरान वैभव ने 15 छक्के और 15 चौके लगाए। फाइनल मुकाबला हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला गया था।
इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। ओपनर वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 411 रन का विशाल स्कोर बना लिया। अब इंग्लैंड को फाइनल मैच जीतने के लिए 412 रनों का टारगेट दिया था।
टारगेट का पीछा करने उतरी भारत को शुरुआती सफलता तब मिली, जब आरएस अंबरीश ने जोसेफ मूर्स को 17 रन पर बोल्ड कर दिया। इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत में दबाव में रहते हुए लगातार दो मेडन ओवर भी खेले। इंग्लैंड की ओर से बेन डॉकिन्स (66) और बेन मेयस (45) ने आक्रामक बल्लेबाजी कर टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन भारत ने सही समय पर विकेट लेकर मैच पर पकड़ बनाए रखी। थॉमस रेव 31 रन और जेम्स मिंटो 28 रन बनाकर आउट हुए। इंग्लैंड की ओर से कैलेब फाल्कनर ने शानदार शतक लगाकर कड़ा मुकाबला दिया, लेकिन बाकी बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे पाए।
कैलेब फाल्कनर के आखिर तक लड़ाई लड़े और 67 गेंदों में 115 रन बनाकर आउट हुए। फाल्कनर के आउट होने के साथ इंग्लैंड की पूरी पारी 311 रन पर सिमट गई। भारत ने फाइनल में इंग्लैड को 100 से मात दी है। भारत की गेंदबाज़ी काफी प्रभावशाली रही, जहां आरएस अंबरीश ने 56 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने दो-दो विकेट लेकर इंग्लैंड की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत की शुरुआत भले ही खास नहीं रही। भारत ने मैच में जल्दी ओपनर एरॉन जॉर्ज का विकेट गंवा दिया था, लेकिन इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे ने शतकीय साझेदारी कर टीम को मजबूत वापसी दिलाई। फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड पूरी तरह दबाव में आ गया। वैभव के क्रीज पर रहते हुए भारत के लिए तेजी से रन बनाए। सूर्यवंशी ज्यादा आक्रामक नजर आए और उन्होंने सिर्फ 55 गेंदों में शतक जड़ दिया, जबकि म्हात्रे ने तेज फिफ्टी बनाई। आयुष म्हात्रे 53 रन बनाकर आउट हुए।
भारतीय टीम ने शुरुआती 25 ओवर में ही 250 रन जोड़ लिए थे, जिससे बड़ा स्कोर तय लग रहा था। हालांकि वैभव 80 गेंदों में 175 रन बनाकर आउट हुए। वैभव के आउट होते ही रन गति धीमी पड़ गई और आखिरी 25 ओवर में भारत सिर्फ 161 रन ही बना सका, साथ ही 7 विकेट भी गिर गए। वेदांत त्रिवेदी 30 रन, विहान मल्होत्रा 32 रन, अभिज्ञान कुंडू 40 रन बनाए। कनिष्क चौहान 37 रन बनाकर नाबाद रहे। भारतीय टीम 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 411 रन का विशाल स्कोर बनाया। इंग्लैंड को 412 रनों का टारगेट दिया था।