भारत के दिग्गज गेंदबाज मोहम्मद शमी पिछले काफी समय से नेशनल टीम से दूर हैं। वहीं श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में मोहम्मद शमी को जगह नहीं मिली है। वहीं अब ऐसा लग रहा कि चयनकर्ता अब भविष्य की टीम तैयार करने पर जोर दे रहे हैं। लंबे समय से टीम के अहम गेंदबाज रहे शमी ने वापसी के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम में मौका नहीं मिला। टीम मैनेजमैंट अब युवा तेज गेंदबाजों को अधिक अवसर देकर आने वाले वर्षों के लिए मजबूत गेंदबाजी आक्रमण तैयार करना चाहता है।
टीम से बाहर होने के बाद मोहम्मद शमी ने रणजी ट्रॉफी में 37 विकेट लेकर अपनी फिटनेस और शानदार फॉर्म साबित की। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में मौका नहीं दिया।
युवा खिलाड़ियों को दे रहे हैं मौका
स्पोर्ट्सस्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय चयनकर्ताओं ने सभी फॉर्मेट को ध्यान में रखते हुए 15 युवा तेज गेंदबाजों का एक समूह तैयार किया है। माना जा रहा कि आने वाले वर्षों में यही खिलाड़ी भारतीय तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि मोहम्मद शमी इस लंबे समय की योजना का हिस्सा नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय चयनकर्ता अगले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र और 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखकर अभी से टीम तैयार करने में जुटे हैं। इसके तहत अनुभवी खिलाड़ियों पर ज्यादा निर्भर रहने के बजाय युवा तेज गेंदबाजों को लगातार इंटरनेशनल मैच खिलाने की योजना है।
बुमराह टीम के अहम खिलाड़ी
जसप्रीत बुमराह भारतीय तेज गेंदबाजी के मुख्य खिलाड़ी हैं, लेकिन उनकी फिटनेस को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें हर मैच में नहीं खिलाना चाहता। इसलिए चयनकर्ता भविष्य के लिए युवा तेज गेंदबाजों को तैयार करने पर जोर दे रहे हैं। मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज की मौजूदगी से भारतीय टीम को नई तेज गेंदबाजी यूनिट तैयार करने में मदद मिल सकती थी। बुमराह की गैरमौजूदगी में वह गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को अपने अनुभव से मार्गदर्शन भी दे सकते थे। स्पोर्ट्सस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, चयनकर्ताओं के मुताबिक, अब भविष्य की टीम बनाने पर पूरा ध्यान देना जरूरी है और पुराने विकल्पों पर निर्भर रहने से इस प्रक्रिया में देरी हो सकती है।
मोहम्मद शमी के टीम से बाहर रहने और जसप्रीत बुमराह के हर टेस्ट मैच में खेलने की संभावना कम होने के कारण अब तेज गेंदबाजी की बड़ी जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज पर आ सकती है। इसके साथ ही चयनकर्ता युवा तेज गेंदबाजों को लगातार मौके देकर एक मजबूत गेंदबाजी समूह तैयार करना चाहते हैं, ताकि आने वाले वर्षों में टीम के पास कई भरोसेमंद विकल्प मौजूद रहें।