भारत के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का चेन्नई सुपर किंग्स से काफी पुराना और खास रिश्ता है। धोनी 2008 में IPL शुरू होने के बाद से ही सीएसके के साथ जुड़े हैं। वहीं अब ऐसी खबरें है कि दोनों के रिश्ते में दरार आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, धोनी CSK में हिस्सेदारी खरीदकर टीम के साथ अपना जुड़ाव आगे भी बनाए रखना चाहते थे। लेकिन उनकी शर्तों पर सहमति नहीं बनने के कारण ये डील आगे नहीं बढ़ पाई।
CSK ने IPL 2025 से पहले धोनी को 4 करोड़ रुपये में टीम में रिटेन किया था। धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम को 5 ट्रॉफी जीता चुके हैं। वहीं चोट के चलते वह IPL 2026 में CSK की ओर से एक भी मैच नहीं खेल पाए थे।
हिस्सेदारी में नहीं बनी बात
क्रिकब्लॉगर की रिपोर्ट के मुताबिक, रांची के 45 वर्षीय महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स में हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जताई थी। धोनी टीम की करीब 25 फीसदी हिस्सेदारी लेना चाहते थे, लेकिन CSK मैनेजमेंट इसके लिए तैयार नहीं हुआ। फ्रेंचाइजी की ओर से उन्हें सिर्फ 3 फीसदी हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव दिया गया था। दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनने के कारण यह डील आगे नहीं बढ़ सकी।
रिपोर्ट के मुताबिक, धोनी ने CSK में हिस्सेदारी को लेकर अपनी मांग धीरे-धीरे कम की। पहले 25 प्रतिशत हिस्सेदारी की बात के बाद उन्होंने इसे 20 प्रतिशत और फिर 18 प्रतिशत तक करने का प्रस्ताव दिया। वहीं, CSK मैनेजमेंट ने भी अपना ऑफर बढ़ाया, लेकिन आखिरी बातचीत में वह सिर्फ 5.5 प्रतिशत हिस्सेदारी देने पर तैयार हुआ। दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई और डील आगे नहीं बढ़ सकी।
क्रिकब्लॉगर ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि, धोनी CSK में हिस्सेदारी खरीदना चाहते थे और इसके लिए वह भुगतान करने को तैयार थे। लेकिन, टीम मैनेजमेंट की सोच कुछ अलग थी। सूत्र के मुताबिक, धोनी और CSK मैनेजमेंट के बीच ज्यादातर बातचीत मौखिक रूप से हुई। दोनों के बीच हिस्सेदारी को लेकर कोई औपचारिक लिखित प्रस्ताव या समझौता नहीं हुआ था। धोनी और CSK के बीच हिस्सेदारी को लेकर हुई बातचीत का असर दोनों के रिश्ते पर पड़ने की बात सामने आ रही है। ऐसे में यह भी साफ नहीं है कि धोनी आगे CSK के लिए IPL खेलेंगे या नहीं।