IND vs SA: साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की 0-2 से घरेलू टेस्ट सीरीज हारने के बाद हेड कोच गौतम गंभीर का लगातार आलोचना हो रही है। कई पुर्व खिलाड़ियों ने गौतम गंभीर के कोचिंग पर सवाल उठाए है। गुवाहाटी में खेले गए दूसरे और अंतिम टेस्ट में भारत को 408 रन के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले भारत को कोलकाता टेस्ट में 30 रन से हार मिली थी। इस नतीजे के बाद कई लोगों ने गौतम गंभीर की गेम प्लानिंग और टीम में ज्यादा ऑल-राउंडर खिलाने की रणनीति पर सवाल उठाए। वहीं पूर्व ऑफ-स्पिनर आर. अश्विन हेड कोच गौतम गंभीर को सपोर्ट किया है।
आर. अश्विन ने कहा कि जब खिलाड़ियों ने खुद अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं निभाईं, तो ऐसे समय में कोच को हटाने की बात करना बिल्कुल उचित नहीं है। हेड कोच से गौतम गंभीर का कॉन्ट्रैक्ट 2027 तक है।
कोच को अश्विन ने किया सपोर्ट
आर. अश्विन ने अपने यूट्यूब शो ‘ऐश की बात’ में कहा, “हम ऐसा क्यों कर रहे हैं? ये सिर्फ एक खेल है। एक टीम को मैनेज करना इतना आसान नहीं होता, और हां, उन्हें भी दुख हो रहा है। हमें ये समझना चाहिए। किसी को हटाना आसान समाधान लग सकता है, लेकिन यह सही तरीका नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं कभी ऐसा इंसान नहीं रहा। यह किसी को सपोर्ट करने के बारे में नहीं है, गौतम मेरा रिश्तेदार नहीं है। मैं उनकी 10 गलतियां गिना सकता हूं। हां, गलतियां होती हैं, किसी से भी हो सकती हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि जब वे भारी पड़ती हैं, तो बहुत भारी पड़ जाती हैं।”
पूरी गलती कोच पर डालना गलत
आरं अश्विन ने कहा, भारत का घरेलू रिकॉर्ड अच्छा रहा है, इसलिए लोग किसी पर दोष डालना चाहते हैं, लेकिन अकेले कोच को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। जब तक खिलाड़ियों से भी कड़े सवाल नहीं पूछे जाते, तब तक पूरी तरह दोष कोच पर डालना गलत होगा। उन्होंने कहा, “हम सभी जिम्मेदारी तय करना चाहते हैं। ये आसान भी लग सकता है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट में नाम और पैसे दोनों की बहुत अहमियत है। कई लोग इस पद पर आने को तैयार रहते हैं और हमेशा कोई न कोई अपनी जगह बनाने की कोशिश करता रहता है। लेकिन सच यही है कि कोच खुद मैदान पर उतरकर बैटिंग नहीं कर सकता।”
उन्होंने कहा, “एक कोच क्या कर सकता है? मैं आपसे एक आसान सवाल पूछ रहा हूं। खुद को कोच की जगह रखकर देखिए। आप कह सकते हैं कि एक खिलाड़ी को कंटिन्यूटी चाहिए और बहुत रोटेशन हुआ है, ठीक है, सहमत हूं। लेकिन खेलने और परफॉर्म करने की स्किल खिलाड़ी की जिम्मेदारी है।” अश्विन ने खिलाड़ियों को भी आगे आकर जिम्मेदारी लेने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा, “मैंने इतने खिलाड़ियों को इतनी ज़िम्मेदारी लेते नहीं देखा कि कह सकूं कि कोच ही प्रॉब्लम है। केवल फैसलों को ही दोष देना ठीक नहीं—हां, फैसले बेहतर हो सकते हैं, इसमें कोई संदेह नहीं।”
उन्होंने आगे कहा, “लेकिन मुझे पर्सनली यह इंडिविजुअल अटैक पसंद नहीं है, क्योंकि हम हमेशा किसी न किसी को दोषी ठहराने की तलाश में रहते हैं।”