भारतीय क्रिकेट टीम के मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज सरफराज खान इस समय चर्चा में हैं। हाल ही में सरफराज खान ने टीम इंडिया से लगातार नजरअंदाज किए जाने पर अपना दर्द शेयर किया है। एक इंटरव्यू में भारतीय बल्लेबाज सरफराज खान ने बताया कि टीम इंडिया में लगातार मौका नहीं मिलने से अब उन्हें हर दिन मेहनत करने की प्रेरणा जुटाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पिता नौशाद के अलावा किसी ने उनका साथ नहीं दिया। अब उनके पिता का भरोसा और उनकी मेहनत ही उन्हें आगे बढ़ने और रन बनाने की ताकत देती है। जानें सरफराज खान ने क्या कहा
हर दिन खुद से पूछता हूं ये सवाल
द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए सरफराज खान ने बताया, “मैं हर सुबह उठकर खुद से यही सवाल करता हूं कि मुझे बार-बार इतनी मेहनत क्यों करनी चाहिए और हर बार उसी दौर से क्यों गुजरना चाहिए?” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन जब मैं अपने पिता को मेरे लिए मेहनत करते देखता हूं, तो मेरा मन उनके लिए रन बनाने का करता है। यही एक वजह है, जो मुझे आगे बढ़ने और मेहनत करते रहने की प्रेरणा देती है।”
सेलेक्टर्स को लेकर क्या कहा
सेलेक्टर्स के साथ बातचीत को लेकर सरफराज खान ने कहा कि उन्होंने टीम में चुनने का फैसला उनके ऊपर छोड़ दिया है। उनका काम सिर्फ अच्छा खेलना और रन बनाना है, फिर चाहे वह भारत के लिए खेलें या मुंबई की टीम के लिए। इसके अलावा, उन्होंने इस बात को भी गलत बताया कि वह विदेशी पिचों पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते। इसके लिए उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में सिर्फ 61 गेंदों पर लगाया गया शतक और इंट्रा-स्क्वाड मैच में 76 गेंदों पर बनाए गए 101 रन का उदाहरण दिया।
सरफराज ने आगे कहा, “हर कोई जानता है कि मेरी जिंदगी में मुझे किसी का साथ नहीं मिला। अगर किसी ने मेरा हौसला बढ़ाया है, तो वो सिर्फ मेरे पिता हैं। मेरे पापा के अलावा किसी ने मेरा साथ नहीं दिया, लेकिन मुझे इससे कोई शिकायत नहीं है। मैंने बहुत मेहनत की है और अपने पिता का सपना पूरा किया है। आज के दौर में भारत के लिए खेलना आसान नहीं है। मैंने सिर्फ एक-दो बार रन बनाकर टीम में जगह नहीं बनाई, बल्कि 300, 200 और 250 रन जैसी बड़ी पारियां खेली हैं। मेरे पिता ही हमेशा मेरे साथ खड़े रहे हैं और मैं आगे भी पूरी मेहनत करता रहूंगा।”
सरफराज खान ने आखिरी बार नवंबर 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत के लिए खेला था। इस दौरान उन्होंने दूसरे टेस्ट में 150 रन बनाए थे और अपना पहला टेस्ट शतक लगाया था। इसके बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम में चुना गया, लेकिन वहां उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। बाद में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। हाल ही में एक खिलाड़ी के चोटिल होने पर उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए टीम में शामिल किया गया था, लेकिन वहां भी वह कोई मैच नहीं खेल सके। सरफराज के मुताबिक, उन्हें बताया गया था कि भारत में होने वाले मैचों में आगे उन्हें और मौके मिल सकते हैं।