ENG vs SA Women: विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 की पहली फाइनलिस्ट टीम का फैसला आज हो गया है। साउथ अफ्रीका टीम पहली बार विमेंस वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गई है। साउथ अफ्रीका टीम ने गुवाहाटी में खेले गए वर्ल्ड कप के पहले सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 125 रन से हरा दिया। साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोलवार्ट के मैच जीताऊ पारी खेली। उन्होंने सेमीफाइल में 169 रन बनाए और इंग्लैंड के सामने 320 रनों का बड़ा टारगेट रखा। इस बड़े टारगेट का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम 42.3 ओवर में 194 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इस तरफ साउथ अफ्रीका ने इंग्लैंड को 125 रनों से मात दी।
फाइनल में दूसरी कौन सी टीम होगी इसका फैसला कल के मैच से होगा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा सेमीफाइनल 30 अक्टूबर को खेला जाएगा। विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल मुकाबला 2 नवंबर को खेला जाएगा।
फाइनल में पहुंची साउथ अफ्रीका
गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर बॉलिंग चुनी थी। वहीं 320 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी इंग्लिश टीम 42.3 ओवर में 194 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। टीम से कप्तान नैट सिवर ब्रंट ने सबसे ज्यादा 64 रन बनाए। साउथ अफ्रीका से मारीजान कैप ने 5 विकेट चटकाए। इस जीत के साथ साउथ अफ्रीका ने इंग्लैंड से हिसाब बराबर भी कर लिया। साउथ अफ्रीका की टीम को पिछले 2 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने ही बाहर किया था।
साउथ अफ्रीका ने लिया बदला
साउथ अफ्रीका ने 2017 और 2022 के सेमीफाइनल की हार को पीछे छोड़ते हुए पहली बार ODI वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बना ली है। इस मैच में इंग्लैंड की गेंदबाजी पहले से कमजोर दिखी और उनकी पारी की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। शुरुआत से ही यह साफ लग रहा था कि रन चेज करना उनके लिए आसान नहीं होगा। यह जीत साउथ अफ्रीका के लिए ऐतिहासिक रही, क्योंकि उन्होंने अपने पुराने सेमीफाइनल के दर्द को आखिरकार जीत में बदल दिया।
वोलवार्ट ने खेली शानदार पारी
पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाए जाने के बाद साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोलवार्ट ने शानदार खेल दिखाया और 169 रन की बड़ी पारी खेली। उनकी शुरुआत बहुत मजबूत रही, क्योंकि टैज़मिन ब्रिट्स के साथ उन्होंने 116 रन की साझेदारी कर टीम को बेहतरीन शुरुआत दिलाई। इसके बाद इंग्लैंड की टीम ने कुछ जल्दी-जल्दी विकेट निकालकर वापसी करने की कोशिश की। लेकिन मैरिज़ेन कैप के क्रीज़ पर आने से वोलवार्ड्ट को सहारा मिला और टीम की पारी फिर से संभल गई। अंत में, क्लो ट्रायोन और नादिन डी क्लर्क ने तेजी से रन जोड़ते हुए टीम के स्कोर को और आगे बढ़ाया। उनके योगदान की बदौलत साउथ अफ्रीका की टीम ने पूरे 319 रन बना लिए और इंग्लैंड के सामने एक मजबूत लक्ष्य रख दिया।