'टीम इंडिया को गौतम गंभीर की नहीं धोनी की जरुरत...', श्रीसंत के इस बयान पर मचा बवाल

Sreesanth: एक इंटरव्यू में श्रीसंत ने टीम पर गौतम गंभीर के प्रभाव को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में भारत के हाल के खराब प्रदर्शन को गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद के दौर से जोड़कर देखा जा सकता है। इस चर्चा के दौरान भारत के टेस्ट क्रिकेट में गिरते प्रदर्शन पर भी बात हुई

अपडेटेड Jun 19, 2026 पर 2:36 PM
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श्रीसंत ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के काम करने की तरीके पर सवाल उठाए हैं।

कभी अपने गेंदबाजी से बल्लेबाजों के होश उड़ाने वाले एस श्रीसंत ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया है, जिसने भारतीय क्रिकेट की दुनिया में एक नई बहस छेड़ दी है। श्रीसंत ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के काम करने की तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि इंडिया को ट्रेडिशनल कोच नहीं, बल्कि एमएस धोनी जैसे मेंटर की जरूरत है।

गंभीर को लेकर श्रीसंत का बड़ा बयान 

'द लल्लनटॉप' को दिए गए एक इंटरव्यू में श्रीसंत ने टीम पर गौतम गंभीर के प्रभाव को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में भारत के हाल के खराब प्रदर्शन को गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद के दौर से जोड़कर देखा जा सकता है। इस चर्चा के दौरान भारत के टेस्ट क्रिकेट में गिरते प्रदर्शन पर भी बात हुई। लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन करने के बाद टीम को कई बड़ी हार का सामना करना पड़ा। साल 2024 में भारत को अपने घर में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ में 0-3 से हार मिली। इसके बाद 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज़ भी गंवानी पड़ी। इन हारों के बीच भारत को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भी सीरीज़ हार का सामना करना पड़ा। लगातार खराब नतीजों के कारण टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने में भी सफल नहीं हो सकी।


उठाए ये सवाल 

श्रीसंत ने बीच में अपनी बात रखते हुए कहा कि भारत की हाल की सभी बड़ी टेस्ट हार गौतम गंभीर के मुख्य कोच रहने के दौरान ही हुई हैं। श्रीसंत ने कहा, "कोच बदलने की जरूरत है। भारतीय टीम को सिर्फ कोच नहीं, बल्कि एक अच्छे मेंटर की जरूरत है।" पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा कि उनकी आपत्ति गौतम गंभीर की कोचिंग शैली को लेकर है। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों को लगातार दबाव में रखने के बजाय सही मार्गदर्शन और समर्थन की जरूरत होती है। उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी और नेतृत्व शैली को इसका बेहतरीन उदाहरण बताया।

श्रीसंत ने कहा कि उन्हें गंभीर के खिलाड़ियों को संभालने के तरीके से परेशानी है। उनके मुताबिक, खिलाड़ी पहले से ही काफी दबाव में रहते हैं और ऐसे समय में उन्हें एक ऐसे मार्गदर्शक की जरूरत होती है जो उनका आत्मविश्वास बढ़ाए। उन्होंने कहा कि धोनी ने कभी खिलाड़ियों पर बेवजह दबाव नहीं बनाया और खराब प्रदर्शन के कारण तुरंत उन्हें टीम से बाहर करने का रास्ता नहीं अपनाया।

धोनी की तारीफ

श्रीसंत का मानना है कि भारत की कई बड़ी सफलताओं के पीछे महेंद्र सिंह धोनी द्वारा टीम के अंदर बनाया गया सकारात्मक माहौल था। उन्होंने कहा कि धोनी की सबसे बड़ी खासियत खिलाड़ियों का भरोसा बढ़ाना और उन्हें खुलकर खेलने की आजादी देना थी। श्रीसंत ने कहा कि भारतीय टीम को महेंद्र सिंह धोनी जैसे मार्गदर्शक की जरूरत है। उनके अनुसार, टीम के खिलाड़ियों के साथ बड़े भाई जैसा व्यवहार होना चाहिए। सिर्फ जीत के समय खुश होना और हार के समय नाराज होना सही तरीका नहीं है।

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