भारत और अफगानिस्तान के बीच खेले गए पहला वनडे मुकाबला धर्मशाला में खेला गया। मुकाबले में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से मात दी है। इस मकुाबले में भारत के कप्तान शुभमन गिल ने 66 गेदों में 84 रन की शानदार पारी खेली है। वहीं पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने धर्मशाला में खेले गए पहले वनडे में अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया ने जीत हासिल करने के लिए किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर रहने के बजाय पूरे बल्लेबाजी क्रम ने जिम्मेदारी निभाई। गावस्कर ने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में भी भारतीय बल्लेबाजों ने संयम बनाए रखा और लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच को आसान बना दिया।
धर्मशाला में बारिश के कारण 25-25 ओवर का खेला गया। भारत ने इस जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त भी हासिल कर ली है। सीरीज का दूसरा मुकाबला 17 जून को लखनऊ में खेला जाएगा।
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने ने JioStar के 'क्रिकेट लाइव' कार्यक्रम में कहा, "जिया उर रहमान के उस ओवर से पहले उन्होंने तीन ओवर में सिर्फ़ 19 रन दिए थे। लेकिन फिर केएल राहुल ने उनके एक ही ओवर में 20 रन बटोर लिए। उस समय शुभमन गिल को अपना शतक पूरा करने के लिए 21 रन और चाहिए थे, जबकि भारत को जीत के लिए करीब 30 रन बनाने थे। इसके बावजूद राहुल ने जिम्मेदारी अपने हाथ में ली और तेजी से रन बनाते हुए मैच को भारत की ओर मोड़ दिया।"
टारगेट का अच्छे से किया पीछा
गावस्कर ने आगे कहा, “यह बात इस टीम की सोच को पूरी तरह दिखाती है। यहां व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज्यादा टीम की जरूरतों को महत्व दिया जाता है। हर खिलाड़ी यही सोचता है कि वह टीम के लिए क्या योगदान दे सकता है। 23वें ओवर में ही मैच खत्म कर देना बताता है कि लक्ष्य का पीछा कितनी शानदार और पेशेवर तरीके से किया गया। यह आसान लक्ष्य नहीं था, लेकिन खिलाड़ियों ने टीम को सबसे ऊपर रखते हुए इसे काफी आसान बना दिया।”
बॉलिंग यूनिट पर बात करते हुए गावस्कर ने नीतीश कुमार रेड्डी की अहमियत को बताया। उन्होंने कहा, “पिच और मैच की परिस्थितियों के हिसाब से वह कप्तान और सेलेक्टर्स को कई ऑप्शन देते हैं। अगर मुझे बल्लेबाज के रूप में चुनें तो मैं तैयार हूं, अगर गेंदबाज के रूप में चुनें तो भी तैयार हूं। किसी भी टीम के लिए ऐसा खिलाड़ी होना बहुत बड़ा फायदा है।”
गुरनूर बरार की भी जमकर तारीफ
उन्होंने डेब्यू करने वाले गुरनूर बरार की भी जमकर तारीफ की और कहा कि युवा तेज गेंदबाज ने अपनी रफ्तार, अनुशासन और गेंद को मूव कराने की क्षमता से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने कहा, "एक डेब्यू मैच खेल रहे खिलाड़ी के लिए उनका नियंत्रण शानदार था। उनकी पहली गेंद करीब 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थी और वह दाएं हाथ के बल्लेबाज से बाहर की ओर स्विंग कर रही थी। अगर कोई गेंदबाज इतनी गति के साथ गेंद को मूव करा सकता है, तो यह किसी भी टीम के लिए बड़ी संपत्ति होती है।"