जैसा कि हम सभी जानते हैं, वीरेंद्र सहवाग अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे। वह क्रीज पर उतरते ही गेंदबाजों पर हमला करना शुरू कर देते थे। उस दौर में वनडे क्रिकेट में 300 रन के आसपास का स्कोर भी बहुत बड़ा माना जाता था, लेकिन सहवाग की तेज बल्लेबाजी से भारत को मैच की शुरुआत में ही बढ़त मिल जाती थी। टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक लगाने वाले वह इकलौते भारतीय बल्लेबाज हैं।
'द लाइफ सेवर्स शो' की होस्ट और फाउंडर नेहा बेदी के साथ बातचीत में, पूर्व क्रिकेटर ने अपने बेटों के बारे में बात की और इस दौरान उन्होंने पैसे को संभालने के तरीके को लेकर कुछ अहम सीख भी दीं।
उन्होंने बताया, "मेरे बच्चों ने क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया है। एक 'अंडर-16' में खेलता है और दूसरा 'अंडर-19' में। वे 2-3 लाख रुपये कमा रहे हैं। एक बार, उनमें से एक ने कार में पेट्रोल भरवाया, तो बिल 7,000 रुपये का आया।"
सहवाग ने आगे कहा कि इतनी रकम देखकर उनका बेटा हैरान रह गया। उन्होंने कहा, "उन्हें तब एहसास होता है जब वे खुद पैसे चुकाना शुरू करते हैं। जब तक मैं पैसे दे रहा था, तब तक उन्हें इस बात का एहसास नहीं था।"
बच्चे महंगे चीजों पर आकर्षित होते हैं
वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि बच्चों का महंगी चीजों की ओर आकर्षित होना आम बात है। उन्होंने अपने बेटों का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें भी लग्जरी कारों और महंगी घड़ियों का शौक है। सहवाग के मुताबिक, उनके बेटे BMW और Range Rover जैसी कारों में घूमना चाहते हैं और उनकी घड़ियां भी इस्तेमाल करते हैं। सहवाग ने कहा, “बच्चे महंगी चीजों की ओर आकर्षित होते हैं। मेरे बेटे भी मेरी घड़ियां लेते हैं। फिलहाल उन्हें इन चीजों का शौक है, लेकिन जिंदगी में एक समय ऐसा आता है, जब इन चीजों का कोई खास महत्व नहीं रह जाता। यह सब सिर्फ दिखावा है।”
सहवाग ने आगे बताया कि उन्होंने अपने बेटों को सलाह दी है कि वे जीवन में कुछ ऐसा बड़ा हासिल करने के उद्देश्य से जिएं, जिस पर लोगों का ध्यान जाए। उन्होंने कहा, "दिखावे की जिंदगी मत जियो, बल्कि एक ऐसी वास्तविक जिंदगी जियो जिसमें तुम कुछ ऐसा करो जिससे दुनिया प्रभावित हो और हर कोई तुम्हारी तारीफ करे।"