जैसा कि हम सभी जानते हैं, वीरेंद्र सहवाग अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे। वह क्रीज पर उतरते ही गेंदबाजों पर हमला करना शुरू कर देते थे। उस दौर में वनडे क्रिकेट में 300 रन के आसपास का स्कोर भी बहुत बड़ा माना जाता था, लेकिन सहवाग की तेज बल्लेबाजी से भारत को मैच की शुरुआत में ही बढ़त मिल जाती थी। टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक लगाने वाले वह इकलौते भारतीय बल्लेबाज हैं।
