भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आज खेला जाएगा। वहीं इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी की डेब्यू को लेकर काफी चर्चा है। क्रिकइन्फो के लिए लिखे अपने कॉलम में डेरिल कलिनन ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी सिर्फ एक होनहार खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि वह बेहद कम उम्र में ऐसे माहौल का हिस्सा बन गए हैं। उनके हर प्रदर्शन पर पूरी दुनिया की नजर रहती है। डेरिल कलिनन ने आगे कहा कि क्रिकेट में पहले भी कई युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ी आए हैं, लेकिन वैभव सूर्यवंशी जैसा मामला अलग है।
उन्होंने कहा, कम उम्र में मिली बड़ी पहचान और सोशल मीडिया पर हर पल होने वाली चर्चा किसी भी बच्चे पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। उन्होंने कहा कि वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं, इसलिए उनके विकास और बचपन को प्राथमिकता देना जरूरी है।
पढ़ाई पर देना चाहिए ध्यान
डेरिल कलिनन ने कहा कि, खेल जगत में पहले भी कई युवा खिलाड़ियों ने बहुत कम उम्र में बड़ी सफलता हासिल की, लेकिन सही मार्गदर्शन और संतुलन की कमी के कारण उनका करियर लंबे समय तक नहीं चल सका। उनका मानना है कि वैभव सूर्यवंशी के साथ ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए उनके क्रिकेट सफर की सोच-समझकर योजना बनानी चाहिए और उन पर जरूरत से ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए। कलिनन ने कहा कि, वैभव सूर्यवंशी को फिलहाल अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, दोस्तों के साथ सामान्य जिंदगी जीनी चाहिए और बचपन का भरपूर आनंद लेना चाहिए।
डेरिल ने कहा कि, इसका मतलब उनके हुनर को कम आंकना नहीं है, बल्कि ये समझना है कि किसी खिलाड़ी की प्रतिभा तभी पूरी तरह निखरती है, जब उसे उम्र के मुताबिक आगे बढ़ने और खुद को विकसित करने का पर्याप्त समय मिले।
डेरिल कलिनन के मुताबिक, जब सचिन तेंदुलकर ने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की थी, तब उनके आसपास ऐसे लोग थे जो उन्हें सही सलाह देते थे और बाहरी दबाव से बचाने का काम करते थे। लेकिन वैभव सूर्यवंशी के मामले में उन्हें लगता है कि आज के दौर में सोशल मीडिया और लगातार होने वाली सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं के बीच ऐसा सुरक्षा घेरा पहले जैसा नहीं रह गया है, जिससे युवा खिलाड़ियों पर दबाव कहीं ज्यादा बढ़ जाता है। डेरिल कलिनन ने वैभव सूर्यवंशी को सलाह दी कि वह अपने क्रिकेट सफर में सचिन तेंदुलकर जैसे अनुभवी खिलाड़ी से मार्गदर्शन लें।
उनका मानना है कि सचिन ने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव खुद झेला है, इसलिए उनका अनुभव वैभव के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। कलिनन ने कहा कि वैभव के लिए इससे बेहतर बात नहीं हो सकती कि उन्हें ऐसा मेंटर मिले, जो उनके हित को समझे और सही दिशा दिखा सके।