Vaibhav Sooryavanshi: इंडिया ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई-नेशन सीरीज का फाइनल मुकाबला दांबुला में खेला गया। इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 96 रनों की शानदार पारी खेली है। वहीं इससे पहले आईपीएल में वैभव ने शानदार प्रदर्शन किया था। आईपीएल 2026 के प्लेऑफ में शानदार बल्लेबाजी करते हुए एलिमिनेटर में 97 रन और क्वालिफायर-2 में 96 रन की दमदार पारियां खेली थीं।
टी20 क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के बाद उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर होने वाली टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। हालांकि श्रीलंका में खेली गई ट्राई-नेशन ए सीरीज वनडे फॉर्मेट में थी, लेकिन उनके हालिया फॉर्म को देखते हुए फैंस और टीम प्रबंधन को उनसे बड़ी पारियों की उम्मीद थी।
फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए नया इतिहास रचा। उन्होंने केवल 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट की सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। युवा बल्लेबाज ने 29 गेंदों पर 94 रन की तूफानी पारी खेली। सूर्यवंशी ने अपनी शानदार पारी का श्रेय इंडिया ए के कोच ऋषिकेश कानितकर को दिया।
वैभव ने कोच को दिया श्रेय
स्पोर्टस्टार से बात करते हुए वैभव सूर्यवंशी ने कहा, "जब मेरे बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे, तब मैं ऋषि सर के साथ बैठकर कुछ बातों पर चर्चा की। उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया और खुलकर खेलने की पूरी आजादी दी।" वैभव सूर्यवंशी ने माना कि टूर्नामेंट की शुरुआत में वह खुद पर ज्यादा दबाव डाल रहे थे और जरूरत से ज्यादा कोशिश कर रहे थे। कोच ऋषिकेश कानितकर ने उन्हें अपना स्वाभाविक खेल खेलने की सलाह दी। इसके बाद वैभव ने खुद पर भरोसा रखा और मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहे।
वैभव सूर्यवंशी ने कहा, "यहां के हालात मेरे लिए थोड़े अलग थे, इसलिए शुरुआत में मुझे कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसी वजह से मैं जरूरत से ज्यादा कोशिश कर रहा था, लेकिन अपने प्लान को सही तरीके से लागू नहीं कर पा रहा था। तभी ऋषि सर ने मुझसे कहा, 'तू अपना नेचुरल गेम खेल, ज्यादा मत सोच।' उनकी इस बात से मुझे काफी मोटिवेशन मिला। मैंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और खुशी है कि आखिरकार सब कुछ मेरे पक्ष में गया।"