आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम रवाना हो गई है। वहीं श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम की ये पहली टी20 सीरीज है। वहीं भारत के 15 सदस्यीय टीम में 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी शामिल किया गया है। हाल ही में वैभव सूर्यवंशी को पहली बार टीम इंडिया की जर्सी मिली। सिर्फ 15 साल की उम्र में सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाने वाले वैभव ने कहा कि जर्सी पहनते ही वह इमोशनवल हो गए। भारतीय जर्सी पहनना उनका बचपन का सपना था। बीसीसीआई द्वारा शेयर किए गए वीडियो में उन्होंने अपनी इस यादगार उपलब्धि को सपने के सच होने जैसा बताया।
जर्सी पहनने के बाद इमोशनल हुए वैभव
वैभव सूर्यवंशी ने वीडियो में कहा, "इस एहसास को शब्दों में बयां करना बहुत मुश्किल है। जब मैंने पहली बार बल्ला हाथ में लिया था और क्रिकेट खेलना शुरू किया था, तभी से मेरा सपना भारत की जर्सी पहनने का था। आज वह सपना पूरा हो गया है। यह मेरे लिए बेहद खास और अविश्वसनीय पल है। ये किसी सपने के सच होने जैसा लगता है।"
सूर्यवंशी ने आगे कहा, "जैसे ही मैंने टीम इंडिया की जर्सी देखी, मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैं लगातार मुस्कुरा रहा था और उस पल को महसूस कर रहा था। कई बार जिंदगी में कुछ ऐसे मौके आते हैं, जिनके बारे में आपने कभी सोचा भी नहीं होता। जब वह पल सामने आता है, तो समझ नहीं आता कि कैसी प्रतिक्रिया दी जाए। मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।"
ट्राई सीरीज में खेली शानदार पारी
वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में मौका मिलने के पीछे उनका शानदार प्रदर्शन बड़ी वजह रहा है। पिछले कुछ महीनों में उन्होंने अपने खेल से सभी का ध्यान खींचा है और युवा खिलाड़ियों में अपनी अलग पहचान बनाई है। यूनाइटेड किंगडम दौरे पर रवाना होने से पहले उन्होंने श्रीलंका ए के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में इंडिया ए के लिए धमाकेदार बल्लेबाजी की। बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए और लिस्ट-ए क्रिकेट में महज 11 गेंदों पर अर्धशतक पूरा कर नया रिकॉर्ड बना दिया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।
अब 15 वर्षीय ये युवा बल्लेबाज जूनियर क्रिकेट, इंडिया ए और आईपीएल में सफलता हासिल करने के बाद भारतीय सीनियर टीम के लिए खेलने के अपने सबसे बड़े सपने को पूरा करने के बेहद करीब पहुंच गया है।