Virat Kohli News: भारत के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटरों में से एक विराट कोहली ने इस साल मई में अचानक से अपने सबसे पसंदीदा क्रिकेट फॉर्मेट को अलविदा कह दिया। रिटायरमेंट की यह घोषणा चौंकाने वाला था, क्योंकि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ने लाल गेंद वाले क्रिकेट को छोड़ने के बारे में पहले कोई संकेत नहीं दिया था। इस बीच, कोहली ने मंगलवार (8 जुलाई) को लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान अपने टेस्ट रिटायरमेंट पर पहली बार खुलकर बात की। कोहली ने बताया कि बढ़ती उम्र के कारण उन्हें यह फैसला लेना पड़ा।
युवराज सिंह ने कैंसर NGO यूवीकैन फाउंडेशन (YouWeCan Foundation) के लिए फंड जुटाने के मकसद से लंदन में आयोजित कार्यक्रम में टी-20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट से संन्यास ले चुके विराट ने अपने टेस्ट रिटायरमेंट पर हंसते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "मैंने दो दिन पहले ही दाढ़ी रंगी है। जब हर चार दिन में दाढ़ी रंगनी पड़े, तो समझो समय (रिटायरमेंट का) हो गया है।"
इस पार्टी में विराट कोहली समेत दुनियाभर के क्रिकेट और अन्य फील्ड से जुड़े दिग्गज लोग पहुंचे थे। इस खास मौके पर टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी कोच गौतम गंभीर की अगुवाई में पहुंचे थे। टीम इंडिया इस समय इंग्लैंड में ही है। पूर्व महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, क्रिस गेल, केविन पीटरसन, ब्रायन लारा और आशीष नेहरा जैसे दिग्गज भी इस समारोह का हिस्सा बने।
क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में से एक कोहली ने हाल ही में लाल गेंद के फॉर्मेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने 123 मैचों में 9230 रन बनाए, जिसमें 30 शतक शामिल हैं। कोहली ने कहा कि मैच के लगातार बदलते स्वरूप के कारण क्रिकेटरों को मैदान पर अपनी-अपनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
36 साल के खिलाड़ी ने युवराज सिंह के साथ अपने रिश्ते के बारे में भी खुलकर बात की। कोहली ने कहा, "हमारे बीच बहुत अच्छा रिश्ता है, जब मैंने भारत के लिए खेलना शुरू किया, तो उन्होंने, भज्जी पा और जहीर खान ने मुझे अपने संरक्षण में लिया। उन्होंने मुझे एक खिलाड़ी के रूप में विकसित होने में बहुत मदद की।
अपने दोस्त युवराज के बारे में कोहली ने कहा, "उन्हें (युवराज सिंह) विश्व कप 2011 में देखना खास था। उसके बाद हमें जो पता चला वह एक झटका था। इतने करीब होने के बावजूद हमें कुछ पता ही नहीं था। फिर कैंसर से उनकी लड़ाई और फिर से चैंपियन बनना, शीर्ष पर आना और टीम में वापसी करना, जब मैं टीम का नेतृत्व कर रहा था। मेरे मन में उनके लिए बहुत प्यार और सम्मान है।"
कोहली ने अपने पूर्व कोच रवि शास्त्री के साथ बिताए समय को याद करते हुए कहा कि अगर वो साथ नहीं होते, तो टेस्ट क्रिकेट में जो कुछ उन्होंने हासिल किया, वो शायद मुमकिन नहीं हो पाता। उन्होंने कहा, "सच कहूं तो अगर मैं शास्त्री भाई के साथ काम नहीं करता, तो टेस्ट क्रिकेट में जो कुछ हुआ वो नहीं हो पाता। हमारे बीच जो क्लियर अंडरस्टैंडिंग और तालमेल था। वो बहुत मुश्किल से मिलता है। करियर में आगे बढ़ने के लिए यह बहुत जरूरी होता है।"