भारतीय टीम के फिल्डिंग कोच टी दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट इंग्लैंड के व्हाइट-बॉल दौरे के बाद समाप्त हो गया था। बीसीसीआई ने कॉन्ट्रैक्ट को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। वहीं रयान टेन डोएशेट ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। टी दिलीप के जाने के बाद से बीसीसीआई को नए फिल्डिंग कोच की तलाश है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत महिला टीम और इंडिया ए के साथ काम कर चुके शुभदीप घोष इस जिम्मेदारी के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। अगर शुभदीप घोष टीम इंडिया के कोचिंग स्टॉफ में शामिल होते हैं तो वह श्रीलंका दौरे पर टीम से जुड़ेंगे।
पीटीआई से बातचीत में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बताया था कि, फील्डिंग कोच के पद के लिए फिलहाल दो से तीन नामों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले एक-दो दिनों में इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया जाएगा और श्रीलंका दौरे से पहले भारतीय टीम को नया फील्डिंग कोच मिल जाएगा।
शुभदीप घोष ने घरेलू क्रिकेट में असम और रेलवे की ओर से खेला है। अपने करियर में उन्होंने 17 प्रथम श्रेणी और 17 लिस्ट-ए मुकाबले खेले। उन्होंने 1994-95 सीजन में असम के लिए घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया था और 2004-05 सीजन तक क्रिकेट खेलते रहे। असम के डिगबोई के रहने वाले घोष का घरेलू क्रिकेट में करीब एक दशक का एक्सपीरिएंस रहा है। घोष के पास खिलाड़ी और कोच, दोनों के रूप में अच्छा अनुभव है। पिछले कुछ वर्षों से वह भारतीय क्रिकेट के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा रहे हैं और अलग-अलग राष्ट्रीय टीमों के साथ काम कर चुके हैं।
घोष पिछले छह से सात वर्षों से बीसीसीआई के साथ जुड़े हुए हैं और राहुल द्रविड़ के राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने अहम जिम्मेदारियां निभाई थीं।
भारतीय महिला टीम को दे चुके हैं कोचिंग
साल 2020 में बीसीसीआई से जुड़ने के बाद शुभदीप घोष ने कई भारतीय टीमों के साथ अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने भारतीय महिला टीम को विदेशी दौरों की तैयारी कराई, अंडर-19 महिला टीम के विश्व कप अभियान का हिस्सा रहे और 2023 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के फील्डिंग कोच की भूमिका भी निभाई। इसके अलावा हाल ही में जिम्बाब्वे दौरे पर भी वह भारतीय टीम के सहयोगी स्टाफ में शामिल थे।