भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने ग्रुप के तीनों मुकाबले जीत लिए हैं। वहीं इस जीत के साथ भारतीय टीम सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है। ऐसे में भारतीय टीम सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में अपनी जगह बनाना चाहेगी। इस खिताब की भारतीय टीम प्रबल दावेदार मानी जा रही है। वहीं अगर भारत एशिया कप की ट्रॉफी जीत भी जाती है तो भी वह बिना ट्रॉफी के ही घर आ सकती है। इसकी वजह PCB चेयरमैन और ACC के अध्यक्ष मोहसिन नकवी है। बता दें पिछले साल एशिया कप जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने नकवी के हाथ से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था। जिसके बाद नकवी ट्रॉफी अपने साथ ले गए और भारत को अभी तक ट्रॉफी नहीं मिली है।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी 13 सितंबर को दुबई में होने वाले विमेंस एशिया कप 2026 के फाइनल में मौजूद रह सकते हैं। माना जा रहा कि जीतने वाली टीम को ट्रॉफी भी नकवी ही देंगे।
एशिया कप में होगा पिछले वाला ड्रामा
पिछले साल 28 सितंबर 2025 को पुरुष एशिया कप के फाइनल में भारत की जीत के बाद ट्रॉफी को लेकर विवाद हुआ था। उस मैच में भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद नकवी ट्रॉफी अपने साथ ले गए थे। भारत को अब तक वह ट्रॉफी नहीं मिली है। ऐसे में 13 सितंबर को महिला एशिया कप के फाइनल में भी इस तरह की स्थिति देखने को मिल सकती है। अगर भारतीय महिला टीम खिताब जीतती है, तो उसके सामने भी नकवी से ट्रॉफी लेने का सवाल होगा, क्योंकि वह PCB के चेयरमैन होने के साथ-साथ पाकिस्तान सरकार में मंत्री भी हैं।
ट्रॉफी समारोह की भी हो रही चर्चा
भारतीय टीम ने भले ही पहले ट्रॉफी से जुड़े फैसले को लेकर अपना रुख साफ कर दिया हो, लेकिन महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में एक बार फिर इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। ऐसे में अगर भारतीय टीम इस बार भी फाइनल जीतती है, तो खिताबी जश्न के साथ ट्रॉफी समारोह भी चर्चा में रहेगा। पिछले साल पुरुष टीम के फैसले को देखते हुए यह संभावना बनी हुई है कि भारतीय महिला टीम भी नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से अलग रुख अपना सकती है। भारत की महिला टीम का एशिया कप में अब तक का प्रदर्शन भी शानदार रहा है। टीम ने टूर्नामेंट के सभी नौ संस्करणों के फाइनल में जगह बनाई है और सात बार चैंपियन बनी है, जबकि दो बार उसे उपविजेता रहना पड़ा।