CWG 2026: पीरियड्स के दर्द को हराकर जीता मेडल, घर लौटने के बाद ज्ञानेश्वरी ने बताया कैसा था वो पल

CWG 2026: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने सिल्वर मेडल जीता। मुकाबले के दिन पीरियड्स के तेज दर्द के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर बनाए रखा। हाल ही में ज्ञानेश्वरी ने बताया कि उन्होंने पीरियड्स के दर्द के दौरान कैसे गेम पर फोकस बनाए रखा

अपडेटेड Aug 03, 2026 पर 10:31 PM
ज्ञानेश्वरी यादव ने बताया, मैंने खुद से कहा कि मेरे लक्ष्य के सामने यह दर्द कुछ भी नहीं है

CWG 2026: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव का शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं की 53 किलोग्राम भार वर्ग में मेडल जीता है। वहीं मुकाबले के दिन ज्ञानेश्वरी यादव पीरियड्स के दर्द से परेशान थीं। पीरियड्स के पहले दिन असहनीय दर्द के बाद भी ज्ञानेश्वरी ने अपना ध्यान लक्ष्य से नहीं हटने दिया।उन्होंने कहा कि पूरे मुकाबले के दौरान वह खुद को लगातार फोकस बनाए रखने के लिए प्रेरित करती रहीं और आखिरकार ग्लासगो में सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहीं। वहीं अब उनका अगला लक्ष्य सितंबर महीने में होने वाले एशियन गेम्स है।  हाल ही में ज्ञानेश्वरी ने बताया कि उन्होंने पीरियड्स के दर्द के दौरान कैसे गेम पर फोकस बनाए रखा

पीरियड्स के दौरान भी की थी ट्रेनिंग

पीटीआई से बातचीत में ज्ञानेश्वरी यादव ने बताया, "मैंने पहले भी पीरियड्स के दौरान ट्रेनिंग की थी, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ कि पीरियड्स के पहले दिन ही मुझे कॉम्पिटिशन में उतरना पड़ा। उस समय मैं खुद से बार-बार कह रही थी कि ध्यान मत भटकने देना। मेरे परिवार और कोच ने भी लगातार मेरा हौसला बढ़ाया और भरोसा दिलाया कि सब ठीक होगा।" उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरे मुकाबले में शांत रहकर प्रदर्शन किया और पहली लिफ्ट सफल होने के बाद उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ गया।


ज्ञानेश्वरी ने कहा, "मैंने खुद से कहा कि मेरे लक्ष्य के सामने यह दर्द कुछ भी नहीं है। इसी सोच ने मुझे अपनी सभी लिफ्ट सफलतापूर्वक पूरी करने की ताकत दी।"

माता-पिता ने दिया साथ

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय वर्षों की मेहनत, परिवार, कोच और राजनांदगांव के लोगों के सहयोग को दिया। ज्ञानेश्वरी ने कहा, "हर सफलता के पीछे लंबा संघर्ष होता है। मेरे माता-पिता ने भी मेरे साथ हर मुश्किल का सामना किया। आज भी मुझे याद है कि मेरे पिताजी रोज साइकिल से मुझे जिम लेकर जाते थे। उन्होंने मुझसे कहा था कि वह खुद नेशनल या इंटरनेशनल लेवल तक नहीं पहुंच सके, लेकिन चाहते थे कि मैं उनका सपना पूरा करूं और देश का नाम रोशन करूं।"

छत्तीसगढ़ सरकार ने दिया 30 लाख का इनाम

ज्ञानेश्वरी यादव की शानदार उपलब्धि के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें सम्मानित करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने उनके लिए 30 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्हें पुलिस विभाग में डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) के पद पर विशेष प्रमोशन देने को भी मंजूरी दे दी गई।

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