Pakistan Hockey: खिलाड़ियों के बर्तन धोने पर उठाई आवाज, तो कप्तान पर लगा 2 साल का बैन, फेडरेशन के अध्यक्ष ने भी दिया इस्तीफा
पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान शकील अहमद बट ने ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन पर खुलकर नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दौरे के दौरान खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं। टीम के खिलाड़ी रहने की ठीक व्यवस्था न होने की वजह से वह सड़कों पर भटकते रहे
Pakistan Hockey: खिलाड़ियों के बर्तन धोने की उठाई आवाज, तो लगा पाकिस्तान हॉकी टीम पर लगा 2 साल का बैन
पाकिस्तान हॉकी में चल रहा विवाद अब चरम पर पहुंच गया है। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) के अध्यक्ष तारिक हुसैन बुगती ने पद छोड़ने का ऐलान कर दिया है। लाहौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बुगती ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया है। उनका आरोप है कि इंटरनेशनल टूर्नामेंट, खासकर इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन (FIH) प्रो लीग के लिए मिले फंड का सही इस्तेमाल नहीं हुआ।
हालांकि, पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान शकील अहमद बट पर भी दो साल का बैन लगा दिया गया। उन पर दो साल के लिए इंटरनेशनल और घरेलू टूर्नामेंट खेलने की रोक लगाई गई है। क्योंकि हार के बाद ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद उन्होंने खिलाड़ियों के साथ हुई ज्यादतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं। मैच से पहले उन्हें बर्तन तक धोने पड़े।
“फंड थे, लेकिन इस्तेमाल नहीं हुए”
बुगती ने कहा कि प्रो लीग के लिए जो रकम जारी की गई थी, वो पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड (PSB) को दी गई थी। लेकिन पैसों के सही मैनेजमेंट की कमी की वजह से अर्जेंटीना और ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान टीम को लॉजिस्टिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने दावा किया कि सात साल बाद पाकिस्तान को प्रो लीग में खेलने का मौका मिला था, लेकिन फंड की कमी से टीम अपनी जिम्मेदारियां निभाने में संघर्ष करती रही। यहां तक कि अर्जेंटीना में होटल का 3,720 डॉलर का बकाया उन्होंने खुद अपनी जेब से चुकाया।
आंतरिक विवाद भी सामने
बुगती ने यह भी आरोप लगाया कि टीम के कप्तान ने कुछ प्रभावशाली लोगों के मैसेज दिखाकर खिलाड़ियों पर दबाव बनाया। इसके बाद फेडरेशन ने अम्माद शकील बट पर दो साल का बैन लगा दिया।
उन्होंने PSB की तरफ से बनाई गई जांच कमेटी पर भी सवाल उठाए और कहा कि वही “जज और जूरी” बन गई है। बुगती ने निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की।
25 करोड़ रुपए का सवाल
बुगती के मुताबिक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हॉकी के लिए 25 करोड़ रुपए मंजूर किए थे, जो PSB को जारी किए गए। इसके बावजूद विदेशी दौरों के दौरान टीम को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि सिर्फ इस्तीफा देना काफी नहीं है। “पाकिस्तान की साख को नुकसान हुआ है, जवाबदेही तय होनी चाहिए।”
हार और हंगामे के बीच बढ़ा विवाद
यह इस्तीफा उस समय आया है जब PHF और PSB के बीच सार्वजनिक बयानबाजी चल रही है। मामला ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट में खेले गए FIH प्रो लीग के दूसरे चरण से जुड़ा है।
ग्रीन शर्ट्स जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया से हारकर बिना जीत दर्ज किए लाहौर लौटे। PHF का कहना है कि वित्तीय और लॉजिस्टिक जिम्मेदारी PSB की थी, जबकि PSB का दावा है कि पर्याप्त फंड दिए गए थे और व्यवस्था में कमी फेडरेशन की ओर से रही।
खिलाड़ियों कहा, हमें बर्तन तक धोने पड़े
बड़ी बात ये है कि पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान शकील अहमद बट ने ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन पर खुलकर नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दौरे के दौरान खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं। टीम के खिलाड़ी रहने की ठीक व्यवस्था न होने की वजह से वह सड़कों पर भटकते रहे।
बट के मुताबिक, हालात इतने खराब थे कि मैच से पहले उन्हें खुद बर्तन तक साफ करने पड़े। लाहौर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि संघ की ओर से सही जानकारी नहीं दी जा रही थी और अब हालात बर्दाश्त से बाहर हो चुके हैं।
शकील अहमद बट ने लाहौर एयरपोर्ट पर कहा, “हम फेडरेशन के मौजूदा मैनेजमेंट के साथ काम नहीं कर सकते। जब खिलाड़ियों को मैच खेलने से पहले किचन साफ करना और बर्तन धोने पड़ें, तो आप हमसे क्या उम्मीद करते हैं?”
इसके बाद प्रधानमंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए हैं। संघीय मंत्री राणा सनाउल्लाह ने भी एक जांच कमेटी गठित की है।
हालांकि दोनों पक्ष जांच का स्वागत कर रहे हैं, लेकिन खेल जगत के जानकार एक पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।