आईपीएल का 19वां सीजन शुरू होने से पहले राजस्थान रॉयल्स (RR) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। एक बड़ी डील के तहत राजस्थान रॉयल्स (RR) की ज़्यादातर हिस्सेदारी अमेरिका के कारोबारी कल सोमानी के नेतृत्व वाले समूह ने करीब 1.63 अरब डॉलर (लगभग 15,000 करोड़ रुपये) में खरीद ली है।
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस डील की प्रक्रिया ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक ‘रेन ग्रुप’ की निगरानी में हुई और इसके लिए कई हफ्तों तक जोरदार बोली चली। कल सोमानी पहले से ही इस टीम में छोटे निवेशक थे, लेकिन अब उन्होंने बड़ी हिस्सेदारी खरीद ली है। बता दें कि, सोमानी एक अनुभवी टेक उद्यमी हैं, जिनकी पकड़ स्पोर्ट्स डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में मजबूत मानी जाती है। इस डील को वॉलमार्ट परिवार के रॉब वाल्टन और हैम्प परिवार (जो NFL टीम ‘डेट्रॉइट लायंस’ के मालिक हैं) जैसे बड़े नामों का समर्थन भी मिला है। ये डील भारतीय खेल जगत में अब तक के सबसे बड़े निजी निवेशों में से एक माना जा रहा है।
राजस्थान रॉयल्स की बिक्री की प्रक्रिया 16 मार्च को बोली की आखिरी तारीख के बाद काफी तेज हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कल सोमानी के नेतृत्व वाले समूह ने एक भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनी को कड़ी टक्कर देकर यह डील अपने नाम की। इस कंपनी ने अमेरिकी खेल निवेशक डेविड ब्लिट्जर के साथ मिलकर बोली लगाई थी। वहीं, मनोज बदाले की अगुवाई वाले रॉयल्स बोर्ड ने ‘कोलंबिया पैसिफिक कैपिटल पार्टनर्स’ (CPCP) के 1.7 अरब डॉलर के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया था। वजह यह थी कि उस प्रस्ताव को लागू करने को लेकर कुछ चिंताएं थीं। इसके मुकाबले, सोमानी की बोली में सही रणनीति और तुरंत फंड उपलब्ध होने की खासियत थी, जो फ्रेंचाइजी की जरूरतों के मुताबिक थी।
राजस्थान रॉयल्स की बिक्री के बाद अब आईपीएल टीमों की कीमत का नया स्तर तय हो गया है। इसी वजह से बाजार के जानकारों का मानना है कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की कीमत आसानी से 2 अरब डॉलर से ज्यादा जा सकती है। RCB के मौजूदा मालिक ‘डियाजियो’, जो ‘यूनाइटेड स्पिरिट्स’ के जरिए काम करता है, ने इस डील को पूरा करने के लिए 31 मार्च की सख्त समय सीमा तय की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि RCB की मजबूत ब्रांड वैल्यू और डिजिटल पहुंच उसे राजस्थान रॉयल्स के मुकाबले 15 से 20 फीसदी ज्यादा कीमत दिला सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब बेंगलुरु फ्रेंचाइज़ी को खरीदने की रेस कुछ बड़े दावेदारों तक ही सीमित रह गई है, क्योंकि ग्लेजर परिवार और आदर पूनावाला ने अपनी शुरुआती दिलचस्पी कम कर दी है।