दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन 20 जून से जारी है। वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स की चिंताओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपनी बात रखी है। उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि असफल हो जाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन चीटिंग या छल करना बिल्कुल गलत है। सचिन तेंदुलकर ने सभी पक्षों से शांति, आपसी सम्मान और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
सचिन तेंदुलकर ने छात्रों की पीड़ा पर जताई चिंता
सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "मेरे पिता प्रोफेसर थे। उन्होंने मुझे बचपन से सिखाया था कि असफल होना गलत नहीं है, लेकिन नकल करना गलत है। कभी भी शॉर्टकट का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि समाज के जिम्मेदार लोगों का कर्तव्य है कि वे सही मूल्यों को बढ़ावा दें। अगर मेहनत से ज्यादा नतीजों को महत्व दिया जाएगा, तो लोग योग्यता के बजाय शॉर्टकट अपनाने लगेंगे। सचिन ने कहा कि छात्रों की निराशा समझी जा सकती है, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि उनकी मेहनत का सही फल नहीं मिला।
पेपर लीक के बाद बढ़ा विरोध
नीट-यूजी 2026 का पेपर लीक होने और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा दोबारा परीक्षा कराने के फैसले के बाद देशभर में विरोध शुरू हो गया। इसी दौरान इस मामले को लेकर 20 से ज्यादा छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं का भी जिक्र हुआ। इस माहौल में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को सोशल मीडिया पर काफी समर्थन मिला और संगठन ने शांतिपूर्ण धरना शुरू किया। नीट पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। वहीं, केंद्र सरकार ने कहा है कि, पेपर लीक के दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सचिन ने युवाओं का हौसला बढ़ाने की अपील की
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी है कि छात्रों को दोबारा ऐसी निराशा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा, "भारत के युवा सपनों और ऊर्जा से भरे हुए हैं। वही देश का भविष्य हैं। माता-पिता, शिक्षक, दोस्त, परिवार, स्कूल और प्रशासन—सभी की जिम्मेदारी है कि युवाओं का हौसला बढ़ाएं और उन्हें सही दिशा दें।" उन्होंने कहा कि ऐसा माहौल बनाया जाना चाहिए, जहां मेहनत का सम्मान हो, ईमानदारी को बढ़ावा मिले और योग्यता के आधार पर सफलता मिले। सचिन ने भरोसा जताया कि सभी मिलकर ऐसा समाधान निकालेंगे, जिससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहेगा और उनका विश्वास बना रहेगा।