भारतीय महिला हॉकी टीम से जुड़ी एक बड़ी खबर आ रही है। डच हॉकी के पूर्व खिलाड़ी शोर्ड मारिन एक बार फिर भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ जुड़ने जा रहे हैं। हॉकी इंडिया ने मारिन को भारतीय महिला टीम का नया चीफ कोच नियुक्त किया गया है। शोर्ड मारिन तीसरी बार भारत के हेड कोच की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। उनकी वापसी से टीम को अनुभव और नई दिशा मिलने की उम्मीद की जा रही है। चीफ कोच के रूप में शोर्ड मारिन की पहली बड़ी चुनौती 8 से 14 मार्च के बीच होने वाला FIH महिला हॉकी वर्ल्ड कप क्वालिफायर होगा, जो हैदराबाद, तेलंगाना में खेला जाएगा।
शोर्ड मारिन 14 जनवरी को भारत पहुंचेंगे, जबकि राष्ट्रीय कोचिंग कैंप 19 जनवरी से SAI बेंगलुरु में शुरू होगा। इस कैंप के जरिए टीम टूर्नामेंट से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
नियुक्ति पर कोच ने क्या कहा
शोर्ड मारिन ने बतौर हेड कोच नियुक्ति के बाद कहा, "वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है। 4.5 साल बाद, मैं नई एनर्जी और टीम की ग्रोथ में मदद करने और खिलाड़ियों को वर्ल्ड स्टेज पर अपना पूरा पोटेंशियल हासिल करने में मदद करने के लिए एक साफ विजन के साथ लौटा हूं।"
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. दिलीप टिर्की ने जारी बयान में कहा, "शोर्ड मारिन और उनके पूरे सपोर्ट स्टाफ का भारतीय हॉकी परिवार में स्वागत है। हम मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने अपॉइंटमेंट में तेजी लाई ताकि ये पक्का हो सके कि आने वाले वर्ल्ड कप क्वालिफायर के लिए टीम की तैयारियों में कोई रुकावट न आए।"
किसको मिली कौन सी जिम्मेदारी
शोर्ड मारिन के साथ सपोर्ट स्टाफ में मटियास विला को एनालिटिकल कोच बनाया गया है। मटियास विला अर्जेंटीना के पूर्व मिडफील्डर हैं। उन्होंने 1997 में अंतरराष्ट्रीय हॉकी खेलना शुरू किया था और सिडनी ओलंपिक 2000 तथा एथेंस ओलंपिक 2004 में हिस्सा लिया था। महिला हॉकी टीम के कोचिंग स्टाफ में डॉ. वेन लोम्बार्ड की भी वापसी हुई है। वह एक बार फिर साइंटिफिक एडवाइजर और एथलेटिक परफॉर्मेंस के हेड की भूमिका निभाएंगे। उनके काम में रोडेट यिला और सियारा यिला मदद करेंगे, जिन्हें साइंटिफिक एडवाइजर के तौर पर टीम में शामिल किया गया है।
इससे पहले शोर्ड मारिन ने 2018 महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को कोचिंग दी थी, जहां टीम क्वार्टर फाइनल में आयरलैंड से हार गई थी। शोर्ड मारिन टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम को चौथे स्थान तक पहुंचाने के बाद फिर से टीम के साथ जुड़े हैं। ये उपलब्धि खास थी, क्योंकि 36 साल से ज्यादा समय में ओलंपिक में यह टीम का सिर्फ दूसरा प्रदर्शन था।