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Sharmila Dhankhar: पोलियो, गरीबी और दहेज प्रताड़ना से लड़ी...अब देश के लिए जीता ऐतिहासिक गोल्ड, जानिए शर्मिला धनखड़ की प्रेरक कहानी

CWG 2026: भारत की पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिलाओं की शॉट पुट F57 इवेंट में 9.81 मीटर का सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का पहला पैरा एथलेटिक्स गोल्ड मेडल है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jul 28, 2026 पर 12:48 PM
Sharmila Dhankhar: पोलियो, गरीबी और दहेज प्रताड़ना से लड़ी...अब देश के लिए जीता ऐतिहासिक गोल्ड, जानिए शर्मिला धनखड़ की प्रेरक कहानी
CWG 2026: 40 साल की शर्मिला ने 9.81 मीटर के अपने सीजन के बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड जीता है

CWG 2026: शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के शॉट पुट F57 इवेंट में सोमवार (27 जुलाई) को भारत को पैरा एथलेटिक्स का पहला गोल्ड मेडल दिलाया। 40 साल की शर्मिला ने 9.81 मीटर के अपने सीजन के बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। इसी के साथ उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा-एथलेटिक्स मेडल के लिए भारत के 20 साल के इंतजार को खत्म किया। इसी इवेंट में एक विवाद के बाद एक और भारतीय एथलीट शिल्पा शायला को ब्रॉन्ज मेडल दिया गया। शिल्पा ने 7.26 मीटर का अपना पर्सनल बेस्ट थ्रो किया था।

शुरुआत में नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी ब्रॉन्ज मेडल की स्थिति में थीं। लेकिन भारतीय दल की आपत्ति और आधिकारिक समीक्षा के बाद उनके एकमात्र वैध प्रयास को फाउल करार दिया गया। नतीजतन, चौथे स्थान पर रहीं शिल्पा शैला को ब्रॉन्ज मेडल दिया गया। हालांकि, नाइजीरिया के इस फैसले के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराने की संभावना है।

मेडल स्टैंडिंग में बदलाव की घोषणा के बाद भावुक शिल्पा ने शर्मिला के साथ जश्न मनाया। इस तरह, भारत ने इस इवेंट में दो मेडल जीते। F57 कैटेगरी उन एथलीटों के लिए है जिनके निचले अंगों में अक्षमता, अंगों की कमी या मांसपेशियों की ताकत कम होती है। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का पहला पैरा एथलेटिक्स गोल्ड मेडल है।

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