मानसून में AC बचाने का सस्ता जुगाड़, लगाएं सिर्फ ₹500 का कवर, बच जाएगा हजारों रुपये का खर्च

मानसून के दौरान AC चलाने वाले लोग अक्सर छोटी-छोटी सावधानियां नहीं बरतते। उन्हें पता नहीं होता कि बाद में इसकी वजह से उन्हें कितना ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। दरअसल, बारिश के मौसम में AC का आउटडोर यूनिट सबसे ज्यादा प्रभावित होता है।

अपडेटेड Sep 09, 2026 पर 10:25 AM
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मानसून में AC बचाने का सस्ता जुगाड़, लगाएं सिर्फ ₹500 का कवर

मानसून के दौरान AC चलाने वाले लोग अक्सर छोटी-छोटी सावधानियां नहीं बरतते। उन्हें पता नहीं होता कि बाद में इसकी वजह से उन्हें कितना ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। दरअसल, बारिश के मौसम में AC का आउटडोर यूनिट सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। यह लगातार नमी, उमस और धूल के संपर्क में रहता है। इससे यूनिट में जंग लगने और रेफ्रिजरेंट लीक होने का खतरा बढ़ जाता है।

इस नुकसान से बचने का एक आसान तरीका AC पर रेन कवर लगाना है। इसकी कीमत आमतौर पर AC की क्षमता और कवर की क्वालिटी के हिसाब से 300 से 800 रुपये के बीच होती है। इतनी छोटी रकम खर्च करके AC को बारिश से बचाया जा सकता है। वहीं, अगर आउटडोर यूनिट में जंग लग जाए या गैस लीक हो जाए, तो उसकी मरम्मत और गैस भरवाने में इससे कहीं ज्यादा पैसा खर्च हो सकता है।

इसलिए मानसून शुरू होने से पहले कुछ सौ रुपये का रेन कवर खरीदना बाद में होने वाले बड़े खर्च से बचने का आसान तरीका है।


500 रुपये का कवर AC को जंग से कैसे बचाता है?

रेन कवर AC के आउटडोर यूनिट को सीधे बारिश के पानी से बचाता है। यह यूनिट की बाहरी बॉडी और अंदर के जरूरी हिस्सों पर पानी नहीं पड़ने देता। साथ ही, कवर इस तरह लगाया जाता है कि हवा आती-जाती रहे और कंप्रेसर सामान्य तरीके से काम करता रहे।

आमतौर पर जब मेटल केसिंग और फिन्स पर लंबे समय तक नमी जमा रहती है, तो उनमें जंग लगने लगती है। रेन कवर इस नमी को कम करने में मदद करता है और पूरे बारिश के मौसम में AC की सतह को काफी हद तक सूखा रखता है।

रेन कवर लगाने के साथ-साथ महीने में एक बार फिन्स और कॉइल की सफाई करना भी जरूरी है। इसके अलावा, ड्रेनेज पाइप की भी जांच करनी चाहिए, ताकि AC के बेस के आसपास पानी जमा न हो। इससे जंग लगने का खतरा और कम हो जाता है।

बता दें कि जंग लगी आउटडोर यूनिट की केसिंग बदलने का खर्च आमतौर पर AC के ब्रांड और टनेज के आधार पर ₹2,000 से ₹5,000 के बीच आता है। इसका मतलब है कि अगर ₹500 का कवर लगा दिया जाए, तो कीमत से कई गुना ज्यादा तक की बचत हो सकती है।

कवर AC की गैस लीक होने से कैसे बचाता है?

जंग और गैस लीक अक्सर जुड़े होते हैं, क्योंकि कॉपर कॉइल और जोड़ों के आसपास जंग लगने से पिनहोल लीक हो सकते हैं, जिनसे धीरे-धीरे रेफ्रिजरेंट बाहर निकल जाता है। मॉनसून के दौरान यूनिट को सूखा रखकर, रेन कवर इन जोड़ों में जंग लगने की रफ्तार को अप्रत्यक्ष रूप से कम करता है।

भारत में 1.5-टन के स्प्लिट AC में गैस रिफिल कराने का खर्च आमतौर पर ₹2,500 से ₹4,000 के बीच आता है, और अगर लीक का पता न चले और कंप्रेसर खराब हो जाए, तो मरम्मत का खर्च ₹8,000 या उससे ज़्यादा हो सकता है। ₹500 के कवर की तुलना में, गैस रिफिल का एक बार का खर्च भी बच जाए, तो यह शुरुआती कीमत का लगभग 5 से 8 गुना बचत के बराबर है।

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