BSNL Broadband Plan: आज के समय में तेज इंटरनेट की जरूरत लगातार बढ़ रही है। चाहे घर से काम करना हो, ऑनलाइन पढ़ाई हो या फिर हाई-क्वालिटी वीडियो स्ट्रीमिंग, हर जगह बेहतर स्पीड वाला ब्रॉडबैंड कनेक्शन जरूरी हो गया है। ऐसे में सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) का 100 Mbps वाला फाइबर ब्रॉडबैंड प्लान यूजर्स का ध्यान खींच रहा है।
वैसे तो इस सेगमेंट में Airtel मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं, लेकिन BSNL का प्लान आज ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है। बड़ी बात ये भी है कि BSNL अपनी फाइबर ब्रॉडबैंड सर्विसेज के साथ देश के लगभग हर शहर में मौजूद है। BSNL कंपनी BharatNet प्रोजेक्ट की मदद से ग्रामीण इलाकों में बहुत तेजी से विस्तार कर रही है। आइए जानते हैं BSNL के इस 100 Mbps प्लान में क्या-क्या फायदे मिलते हैं।
OTT बेनिफिट्स के साथ BSNL का 100 Mbps ब्रॉडबैंड प्लान
BSNL का 100 Mbps फाइबर ब्रॉडबैंड प्लान यूजर्स के लिए किफायती विकल्प बनकर सामने आ रहा है। इस प्लान की कीमत 699 रुपये प्रति महीना है, जिसमें तेज इंटरनेट स्पीड के साथ OTT बेनिफिट्स भी मिलते हैं। इस प्लान में ग्राहकों को 100 Mbps की स्पीड के साथ 4000GB यानी 4TB डेटा दिया जाता है। डेटा के मामले में यह Airtel के कुछ फाइबर प्लान्स से आगे है, जहां आमतौर पर करीब 3.3TB डेटा लिमिट मिलती है।
BSNL के इस प्लान में यूजर्स को हर महीने करीब 700GB ज्यादा डेटा मिलता है। हालांकि, 4TB की FUP (Fair Usage Policy) लिमिट पूरी होने के बाद इंटरनेट स्पीड घटकर 4 Mbps रह जाती है, लेकिन कनेक्शन बंद नहीं होता और यूजर्स ब्रॉडबैंड सेवा का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं।
ब्रॉडबैंड प्लान के साथ मिलेगा OTT का मजा
BSNL अपने इस 100 Mbps ब्रॉडबैंड प्लान के साथ यूजर्स को OTT प्लेटफॉर्म्स का एक्सेस भी दे रहा है। ग्राहक अपनी पसंद के हिसाब से दो अलग-अलग OTT पैक्स में से किसी एक को चुन सकते हैं। पहले पैक में JioHotstar, Hungama, Lionsgate, ShemarooMe और EpicON जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स का सब्सक्रिप्शन मिलता है। वहीं, दूसरे पैक में ZEE5 और SonyLIV का एक्सेस दिया जाता है। ध्यान दें कि यह एक मंथली पैक है और इस पैक का नाम Fibre Basic Plus OTT है।
इसके अलावा, इंटरनेट और OTT बेनिफिट्स के अलावा BSNL इस ब्रॉडबैंड प्लान के साथ यूजर्स को अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग की सुविधा भी देता है। हालांकि, कॉलिंग सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए लैंडलाइन इंस्ट्रूमेंट की जरूरत होगी, जिसे यूजर्स को खुद खरीदना पड़ेगा।