Union Budget 2026: बजट 2026 में ऑरेंज इकोनॉमी पर बड़ा दांव, गेमिंग-AVCG सेक्टर को मिलेगा नया बूस्ट

Union Budget 2026: बजट 2026 आ चुका है, और गेमिंग समेत अन्य क्रिएटिव सेक्टर्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 के केंद्रीय बजट में कहा कि भारत की क्रिएटिव इंडस्ट्रीज रोजगार और सेवाओं के एक नए अवसर पैदा कर सकती हैं।

अपडेटेड Feb 01, 2026 पर 9:21 PM
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बजट 2026 में ऑरेंज इकोनॉमी पर बड़ा दांव, गेमिंग-AVCG सेक्टर को मिलेगा नया बूस्ट

Union Budget 2026: बजट 2026 आ चुका है, और गेमिंग समेत अन्य क्रिएटिव सेक्टर्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 के केंद्रीय बजट में कहा कि भारत की क्रिएटिव इंडस्ट्रीज रोजगार और सेवाओं के एक नए अवसर पैदा कर सकती हैं, जिससे ऑरेंज इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा।

सीतारमण ने कहा, 'ऑरेंज इकोनॉमी। भारत का एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVCG) सेक्टर एक बढ़ता हुआ इंडस्ट्री है। अनुमान है कि साल 2030 तक 20 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी। मैं मुंबई स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को देश भर के 15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVCG कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने में सहायता देने का प्रस्ताव करती हूं।'

यह प्रस्ताव 2025-26 के इकोनॉमिक सर्वे में बताए गए विषयों पर आधारित है, जिसमें कहा गया है कि क्रिएटिविटी पर आधारित सेक्टर, जिनमें संस्कृति, मनोरंजन, मीडिया और बौद्धिक संपदा शामिल हैं, रोजगार, पर्यटन और शहरी सेवाओं का बड़ा स्रोत बन सकते हैं।


जो लोग नहीं जानते हैं, उनके लिए बता दें कि ऑरेंज इकोनॉमी में वे गतिविधियां शामिल होती हैं, जो भौतिक वस्तुओं (फिजिकल गुड्स) के बजाय कला, विचारों और सांस्कृतिक पूंजी पर आधारित होती हैं।

एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?

काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक ने कहा, "इस बजट में 'ऑरेंज इकोनॉमी' (क्रिएटिव /IP-आधारित अर्थव्यवस्था) की ओर बदलाव भारत को वैश्विक कंटेंट के उपभोक्ता से उच्च-मूल्य वाले निर्माता में बदलने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने का प्रस्ताव एक दूरदर्शी कदम है, जो क्रिएटिव इंडेस्ट्री के लिए भारत की जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को विकसित करने में सहायक होगा। हालांकि, यह पहल सीधे तौर पर AR या XR पर केंद्रित नहीं है, लेकिन 2030 तक 20 लाख प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से इसका बड़ा दायरा स्टूडेंट्स को डिजिटल कंटेंट क्रिएशन की स्किल्स से लैस करके इमर्सिव टेक्नोलॉजी को अपनाने को अप्रत्यक्ष रूप से मजबूत करेगा, जो AR/XR अनुप्रयोगों में भी काम आएगा। IICT के नेतृत्व में, यह प्रयास मॉडर्न टूल्स तक पहुंच को आसान बना सकता है, नए विचार को बढ़ावा दे सकता है और भारत को AVGC-XR और क्रिएटिव इकोनॉमी के लिए एक ग्लोबल सेंटर के रूप में स्थापित कर सकता है।"

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