दुनियाभर में करोड़ों लोग इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए ब्राउजर का सहारा लेते हैं और इसमें सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ब्राउजर Google Chrome है। भारत सहित पूरी दुनिया में इसके करीब 3.5 अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। लेकिन अब इसी लोकप्रिय ब्राउजर को लेकर एक बड़ा साइबर खतरा सामने आया है, जिसने यूजर्स की चिंता बढ़ा दी है।
क्रोम ब्राउजर में मिली गंभीर सुरक्षा खामियां
रिपोर्ट के मुताबिक क्रोम ब्राउजर में दो गंभीर कमजोरियां सामने आई हैं, जिन्हें कंपनी ने “जीरो-डे वल्नरेबिलिटी” कैटेगरी में रखा है। साइबर अपराधी इन खामियों का फायदा उठाकर यूजर्स के डिवाइस और डेटा तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं। इन कमजोरियों को CVE-2026-3909 और CVE-2026-3910 के नाम से ट्रैक किया जा रहा है। हालांकि सुरक्षा कारणों से फिलहाल इनके बारे में ज्यादा तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, ताकि हैकर्स इसका दुरुपयोग न कर सकें।
गूगल ने जारी किया इमरजेंसी सिक्योरिटी अपडेट
संभावित खतरे को देखते हुए Google ने तुरंत इमरजेंसी सिक्योरिटी अपडेट जारी कर दिया है। कंपनी ने सभी यूजर्स से अपील की है कि वे अपने ब्राउजर को जल्द से जल्द अपडेट करें। ब्राउजर अपडेट करने से इन कमजोरियों को ठीक किया जा सकता है और यूजर्स अपने डिवाइस, पासवर्ड और निजी जानकारी को सुरक्षित रख सकते हैं।
क्यों ब्राउजर पर ही निशाना साधते हैं हैकर्स?
आज के समय में इंटरनेट से जुड़ी लगभग हर गतिविधि—जैसे ईमेल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग या सर्चिंग—ब्राउजर के जरिए ही होती है। यही कारण है कि साइबर अपराधियों के लिए ब्राउजर एक आसान और बड़ा टारगेट बन जाता है।
साइबर सुरक्षा रिसर्च कंपनी Omdia की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक साल के भीतर करीब 95 प्रतिशत संगठनों को किसी न किसी साइबर हमले का सामना करना पड़ा, जिसकी शुरुआत कर्मचारियों के कंप्यूटर से हुई थी। यह रिपोर्ट Palo Alto Networks के लिए तैयार की गई थी।
ब्राउजर हैकिंग कैसे बन रही बड़ा खतरा?
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक अब हैकर्स सीधे ब्राउजर को निशाना बना रहे हैं। इसके लिए वे चोरी हुए टोकन के जरिए सेशन हाईजैकिंग जैसे तरीके अपनाते हैं। इसके अलावा एडवांस्ड फिशिंग अटैक भी किए जा रहे हैं, जो कई बार मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था को भी बायपास कर देते हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यूजर्स को हमेशा अपने ब्राउजर को अपडेट रखना चाहिए। इसके साथ ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचना, अनजान वेबसाइट्स से फाइल डाउनलोड न करना और मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करना भी बेहद जरूरी है।