Microsoft Edge: भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने Microsoft Edge वेब ब्राउजर इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए एक हाई-सीवियरिटी सेफ्टी चेतावनी जारी की है। इस खामी की वजह से हैकर्स रिमोटली आपके सिस्टम को कंट्रोल कर सकते है। Microsoft Edge में हाल ही में नए AI फीचर्स (Copilot) जोड़े गए है जिससे यह चेतावनी और जरूरी हो गई है। आइए आपको बताते हैं आप इससे कैसे बच सकते है।
CERT-In के हालिया बुलेटिन के अनुसार, यह तकनीकी ग्लिच Microsoft Edge में 'सेफ ब्राउजिंग' फीचर के कारण आ रहा है। यह समस्या 'यूज आफ्टर फ्री' नामक एक तकनीकी खामी से जुड़ी है, जिसका सीधा संबंध ब्राउजर की सेफ्टी फीचर्स से है। CERT-In का दावा है कि एक रिमोट हैकर एक स्पेशल रिक्वेस्ट भेजकर इस खामी का फायदा उठा सकता है। अगर वह ऐसा करने में सफल हो जाता है तो हैकर आपके सिस्टम पर मनमाना कोड (Arbitrary Code) एक्जीक्यूट कर सकता है। यानी वह आपके सिस्टम को अपने कंट्रोल में ले सकता है। यह सुरक्षा खामी इसलिए और भी गंभीर है क्योंकि यह उस 'सेफ ब्राउजिंग' फीचर से जुड़ी है, जहां यूजर्स की एक्टिविटी ट्रैक नहीं होती और उनका हिस्ट्री रिकॉर्ड नहीं होता है।
कौन है जोखिम में और क्या करें?
यदि आप Microsoft Edge का पुराना वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आप इस खतरे की जद में हो सकते हैं। हर वो यूजर जो Microsoft Edge (क्रोमियम बेस्ड) का वर्जन 141.0.3537.85 से पहले का उपयोग कर रहा है, उसे तुरंत अपडेट करने की जरूरत है। माइक्रोसॉफ्ट ने इस समस्या को ठीक करने के लिए एक अपडेट भी जारी कर दिया है।
ऐसे करें Microsoft Edge को तुरंत अपडेट
अपने सिस्टम को हैकर्स से बचाने के लिए, आपको तुरंत अपने ब्राउजर को अपडेट करना चाहिए। यह प्रक्रिया बहुत आसान है:
जैसे ही आप क्लिक करेंगे ब्राउजर अपने आप नया वर्जन सर्च करेगा और उसे अपडेट करना शुरू कर देगा। अपडेट पूरा होने के बाद सिस्टम को रीबूट करना पड़ सकता है।