WhatsApp: क्या सच में व्हाट्सएप चैट पढ़ रहा है मेटा? याचिकाकर्ताओं ने 'एंड-टू-एंड' एन्क्रिप्शन को बताया धोखा

Whatsapp Data Privacy: याचिकाकर्ताओं का दावा है कि मेटा ने अपने अरबों यूजर्स को सुरक्षा के नाम पर धोखा दिया है। आरोप है कि मेटा असल में 'प्राइवेट' बातचीत को स्टोर करता है और कंपनी के कर्मचारी इन मैसेजेस को एक्सेस कर सकते है

अपडेटेड Jan 25, 2026 पर 11:30 AM
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि मेटा का 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन' का दावा पूरी तरह झूठा है और कंपनी के पास यूजर्स के निजी मैसेज तक पहुंच है

WhatsApp: दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप (WhatsApp) की प्राइवेसी पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। भारत समेत ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के एक अंतरराष्ट्रीय समूह ने मेटा (Meta) के खिलाफ अमेरिकी अदालत में मुकदमा दायर किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मेटा का 'एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन' का दावा पूरी तरह झूठा है और कंपनी के पास यूजर्स के निजी मैसेज तक पहुंच, उन्हें स्टोर करने और उनका विश्लेषण करने की पूरी क्षमता है।

प्राइवेसी या दिखावा?

याचिकाकर्ताओं का दावा है कि मेटा ने अपने अरबों यूजर्स को सुरक्षा के नाम पर धोखा दिया है। आरोप है कि मेटा असल में 'प्राइवेट' बातचीत को स्टोर करता है और कंपनी के कर्मचारी इन मैसेजेस को एक्सेस कर सकते है। मुकदमे में अज्ञात 'व्हिसलब्लोअर्स' का जिक्र किया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर प्राइवेसी उल्लंघन से जुड़ी अंदरूनी जानकारियां उजागर की हैं। वकील इस मामले को 'क्लास-एक्शन' सूट के रूप में प्रमाणित करने की मांग कर रहे हैं, जिसका मतलब है कि अगर आरोप साबित हुए, तो मेटा को दुनिया भर के यूजर्स को भारी हर्जाना देना पड़ सकता है।


'यह केवल कोरी कल्पना है': मेटा

मेटा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'तुच्छ और बेतुका' बताया है। कंपनी के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा, व्हाट्सएप पिछले एक दशक से 'सिग्नल प्रोटोकॉल' का उपयोग कर रहा है, जो सुरक्षा के मामले में गोल्ड स्टैंडर्ड माना जाता है।मेटा ने कहा कि यह मुकदमा केवल एक 'फिक्शन' है और कंपनी वादियों के वकीलों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की मांग करेगी।

'एंड-टू-एंड' एन्क्रिप्शन असल में क्या है?

वॉट्सऐप के दावों के अनुसार, जब कोई मैसेज भेजा जाता है, तो वह एक 'डिजिटल लॉक' में बंद हो जाता है। मैसेज केवल भेजने वाले और प्राप्त करने वाले के फोन पर ही डिकोड किया जा सकता है। यहां तक कि व्हाट्सएप या मेटा के सर्वर भी इसे नहीं पढ़ सकते। वर्तमान मुकदमे ने इसी बुनियादी तकनीक और दावे को चुनौती दी है।

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