WhatsApp Screen Mirroring Fraud: WhatsApp कॉल पर स्क्रीन शेयर करने से बचें, वरना हो जाएंगे कंगाल, जानें कैसे

WhatsApp Screen Mirroring Fraud: इस समय WhatsApp Screen Mirroring Fraud का केस तेजी से बढ़ रहा है। इसमें ठग कॉल कर खुद को बैंक या कंपनी का कर्मचारी बताते हैं और स्क्रीन शेयर करवाकर आपसे ओटीपी, बैंक डिटेल्स ले लेते हैं। जिसके बाद आपका डेटा चोरी या फिर अकाउंट खाली हो जाता है।

अपडेटेड Aug 27, 2025 पर 2:10 PM
Story continues below Advertisement
WhatsApp Screen Mirroring Fraud: WhatsApp कॉल पर स्क्रीन शेयर करने से बचें, वरना हो जाएंगे कंगाल, जानें कैसे

WhatsApp Screen Mirroring Fraud: डिजिटल युग ने हमारी जिंदगी को बदलकर रख दिया है। आज हर काम चाहें बैंकिंग हो, बिल पेमेंट हो, शॉपिंग हो सबकुछ हमारी उंगलियों पर है। स्मार्टफोन और इंटरनेट ने जहां जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों के लिए भी नए दरवाजे खोल दिए हैं। यही कारण है कि डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, ओटीपी स्कैम, केवाईसी वेरिफिकेशन धोखाधड़ी जैसे केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन अब इन सबसे भी ज्यादा खतरनाक एक नया स्कैम “WhatsApp Screen Mirroring Fraud” सामने आया है।

यह फ्रॉड इतना खतरनाक है कि आपकी एक छोटी-सी गलती सीधा आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकती है। ठग न केवल आपकी निजी जानकारी चुराते हैं बल्कि आपके बैंकिंग पासवर्ड, ओटीपी और UPI पिन तक अपने कब्जे में ले लेते हैं। और सबसे बड़ी बात यह है कि आपको पता भी नहीं चलता कि कब और कैसे आपके खाते से पैसे निकल गए।

WhatsApp Screen Mirroring Fraud कैसे काम करता है?


इस स्कैम की शुरुआत अक्सर एक फोन कॉल से होती है। कॉल करने वाला खुद को किसी बड़ी कंपनी, बैंक या कस्टमर सर्विस का कर्मचारी बताता है और आपको यह यकीन दिलाता है कि आपके मोबाइल में कोई तकनीकी समस्या है। वह कहता है कि इसे ठीक करने के लिए WhatsApp कॉल पर स्क्रीन शेयर करना जरूरी है। जैसे ही आप उसकी बात मानकर स्क्रीन शेयर करते हैं, तो ठग अगला कदम उठाता है। स्कैमर आपको बैंकिंग ऐप खोलने और वेरिफिकेशन करने के लिए कहता है। जब आप पासवर्ड, ओटीपी या पिन डालते हैं, तो वह रियल-टाइम में सारी डिटेल्स देख लेता है और तुरंत आपके खाते तक पहुंच बना लेता है।

कुछ मामलों में धोखेबाज पीड़ित को एक बोगस ऐप भी इंस्टॉल करवाते हैं। यह ऐप दिखने में तो असली लगता है, लेकिन असल में यह एक Keylogger होता है। कीलॉगर आपके फोन पर टाइप की जाने वाली हर चीज रिकॉर्ड करता है, जिसमें यूजरनेम, पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल्स शामिल हैं।

क्यों है यह स्कैम खतरनाक?

इस फ्रॉड की सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि जैसे ही आप स्क्रीन शेयर करते हैं, ठग को आपके पूरे फोन का सीधा एक्सेस मिल जाता है। खासकर जब आप UPI, नेटबैंकिंग या वॉलेट ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं, तब खतरा कई गुना बढ़ जाता है। चूंकि अधिकतर लोग अपने फोन में UPI, नेटबैंकिंग और ई-वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में ठग आसानी से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।

कैसे पहचानें यह स्कैम?

इस स्कैम को पहचानने का सबसे आसान तरीका यह है कि अगर कोई अनजान व्यक्ति आपको कॉल करके खुद को बैंक या फाइनंस सर्विस का कर्मचारी बताकर आपसे तुरंत स्क्रीन शेयर करने की मांग करे तो सतर्क हो जाएं। स्कैमर अक्सर डर या जल्दबाजी का माहौल बनाता है ताकि आप बिना सोचे-समझे उसकी बात मान लें। ध्यान दें कि कोई भी असली बैंकिंग संस्था आपसे कभी भी कॉल पर बैंकिंग ऐप खोलने और स्क्रीन शेयर करने के लिए नहीं कहता है।

सुरक्षित रहने के आसान उपाय

  • अगर कोई कॉल पर खुद को बैंक या कंपनी का कर्मचारी बताकर आपसे तुरंत स्क्रीन शेयर करने की मांग करे तो तुरंत सावधान हो जाएं।
  • याद रखें कोई भी असली बैंकिंग संस्था कभी भी कॉल पर आपसे स्क्रीन शेयर करने के लिए नहीं कहेगी।
  • अजनबियों के साथ कभी भी मोबाइल स्क्रीन शेयर न करें।
  • Unknown Sources से ऐप इंस्टॉल करने की अनुमति बंद रखें।
  • किसी संदिग्ध कॉल को तुरंत ब्लॉक करें और जरूरत पड़ने पर 1930, नेशनल साइबरक्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें।
  • परिवार और दोस्तों को भी इस फ्रॉड के बारे में बताएं ताकि वे भी सुरक्षित रहें।

यह भी पढ़ें: Samsung Galaxy Z Flip 6 5G पर मिल रहा 44,000 रुपये तक का डिस्काउंट, जाने कीमत और ऑफर्स

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।