AI-Enabled Smart Glasses: 77वें गणतंत्र दिवस परेड के लिए एक जरूरी तकनीकी अपडेट करते हुए, दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ पर निगरानी बढ़ाने के लिए AI-फीचर से लैस स्मार्ट ग्लास (AI-enabled smart glasses) पेश किया है। इस स्मार्ट ग्लास को भारतीय कंपनी AjnaLens ने बनाया है। यह ग्लास मोबाइल CCTV यूनिट के रूप में काम करता है। और सुरक्षा कर्मियों को रियल टाइम में हाई-टेक निगरानी की सुविधा प्रदान करता है।
एक ऐप के जरिए अधिकारियों के स्मार्टफोन से जुड़ी ये डिवाइसे स्थिर कैमरा वैन के बिना रियल टाइम समय में गश्त करने की सुविधा देता है। इस सिस्टम में लगभग 65,000 अपराधियों, फरार अपराधियों और संदिग्धों का बड़ा डेटाबेस पहले से लोड है।
नई दिल्ली के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ACP) देवेश कुमार महला ने बताया कि इन चश्मों में रंग-कोडेड अलर्ट सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है।
यह तकनीक तीन खास खूबियों पर आधारित हैं, जो किसी भी खतरे को अनदेखा होने से लगभग रोकती हैं।
यह AI बहुत ज्यादा भीड़ में भी चेहरों को स्कैन कर सकती है और तुरंत केंद्रीय डेटाबेस से उनका मिलान कर सकती है।
यह AI भेस बदलने पर भी व्यक्ति को पहचान सकता है।
चाहे कोई अपराधी मास्क, टोपी या दाढ़ी के पीछे छिपने की कोशिश करे, या सालों में उसकी उम्र बदल गई हो, तब भी यह एल्गोरिदम मिलान कर सकता है। यहां तक कि 20 साल पुरानी फोटो से भी किसी व्यक्ति की पहचान की जा सकती है।
चेहरे की पहचान के अलावा, ये चश्मे थर्मल इमेजिंग से भी लैस हैं। इससे अधिकारी संदिग्ध वस्तुओं, जैसे कि छिपे हुए हथियार या धातु की वस्तुएं, जो कपड़ों के नीचे छिपी होती हैं और जो आखों से दिखाई नहीं देती, पकड़ी जा सकती हैं।
इन स्मार्ट चश्मों को लाना एक बड़े और बहु-स्तरीय सुरक्षा प्लान का हिस्सा है। इस कार्यक्रम के लिए 10,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। उनकी मदद के लिए 3,000 CCTV कैमरे और ड्रोन से निगरानी भी की जा रही है।
AI तकनीक को पहनने वाले डिवाइसों से जोड़कर दिल्ली पुलिस का मकसद है कि समारोह सुरक्षित और सुचारू रूप से हो। इससे बार-बार मैन्युअल चेकिंग की जरूरत कम होगी, लेकिन सुरक्षा पर पूरी नजर बनी रहेगी।