आजकल एयर लाइन का एक्सपीरियंस पहले से काफी बदल चुका है और इकोनॉमी क्लास में मिलने वाली सुविधाओं में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कई एयरलाइंस अब सुविधा किट बदल रही हैं और जरूरी सुविधाओं पर भी ध्यान दे रही हैं। पैसेंजर के आराम और कॉस्ट को ध्यान में रखते हुए नए नियम अपनाए जा रहे हैं। इसी वजह से अब फ्लाइट का पूरा एक्सपीरियंस पहले जैसा नहीं रहा और इसमें लगातार बदलाव हो रहा है। आइए जानते हैं कि इकॉनमी क्लास में अब क्या-क्या नया और बेहतर देखने को मिल रहा है:
एमिरेट्स अपनी लंबी दूरी की फ्लाइट में इकोनॉमी क्लास पैसेंजर को सुविधा किट देती है। इसमें आंखों पर लगाने वाला मास्क, मोजे, दांत साफ करने का सेट और कुछ बुनियादी ट्रैवल उपयोग की चीजें शामिल होती हैं। यह किट जर्नी को ज्यादा कम्फर्टेबल बनाने में मदद करती है और लंबी फ्लाइट में थकान कम महसूस होती है। छोटी दूरी की फ्लाइट में यह सुविधा आमतौर पर नहीं दी जाती, लेकिन लंबी फ्लाइट में इसका एक्सपीरियंस काफी अच्छा होता है।
कतर एयरवेज लंबी दूरी की फ्लाइट में इकोनॉमी क्लास पैसेंजर को बुनियादी सुविधा किट देती है। इसमें आंखों का मास्क, कान बंद करने के साधन और कुछ आराम से जुड़ी चीजें शामिल होती हैं। यह सुविधा रात की फ्लाइट में बहुत उपयोगी होती है क्योंकि इससे पैसेंजर को बेहतर नींद लेने में मदद मिलती है। दोहा से लंबी इंटरनेशनल फ्लाइट में यह सुविधा ज्यादा देखने को मिलती है।
क्वांटास एयरवेज ऑस्ट्रेलिया की एयरलाइन है जो लंबी दूरी की फ्लाइट में लिमिट सुविधा किट देती है। खासकर ऑस्ट्रेलिया से यूरोप और अमेरिका जाने वाली फ्लाइट में पैसेंजर को आराम से जुड़ी जरूरी चीजें दी जाती हैं। यह एयरलाइन अपने सेफ और कम्फर्टेबल जर्नी के लिए जानी जाती है और लंबी फ्लाइट में यह सुविधा पैसेंजर के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाती है।
एतिहाद एयरवेज अपनी कुछ लंबी दूरी की फ्लाइट में इकोनॉमी क्लास पैसेंजर को सुविधा किट देती है। इसमें मोजे, आंखों का मास्क और दांत साफ करने का छोटा सेट शामिल होता है। अबू धाबी से लंबी फ्लाइट में यह सुविधा ज्यादा देखने को मिलती है और यह पैसेंजर को लंबी जर्नी में ज्यादा आराम देती है। इस एयरलाइन का एक्सपीरियंस काफी प्रीमियम माना जाता है।
इकोनॉमी क्लास में अब क्या बेहतर हुआ है
1. ज्यादा कम्फर्टेबल सीटें और स्पेस
अब कई एयरलाइंस ने इकॉनोमी क्लास की सीटों को पहले से ज्यादा कम्फर्टेबल बना दिया है। सीटों में बेहतर कुशनिंग, ज्यादा लेगरूम और पीछे झुकने की सुविधा को सुधारा गया है। लंबी फ्लाइट में पैसेंजर की थकान कम हो, इसके लिए सीट डिजाइन को एर्गोनॉमिक बनाया जा रहा है। इससे लॉन्ग जर्नी में बैठना पहले से ज्यादा आसान और कम्फर्टेबल हो गया है।
2. बेहतर खाना और इन-फ्लाइट सर्विस
अब इकॉनोमी क्लास में खाने की क्वालिटी और वैरायटी पहले से बेहतर हो गई है। कई एयरलाइंस अलग-अलग देशों के हिसाब से मेन्यू देती हैं, जिसमें वेज और नॉन-वेज दोनों ऑप्शन शामिल होते हैं। साथ ही अब समय पर सर्विस, बेहतर स्टाफ बिहेवियर और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिलने जैसी फैसिलिटीज भी सुधार गई हैं। इससे पूरा फ्लाइट एक्सपीरियंस ज्यादा अच्छा और प्रोफेशनल हो गया है।3. एंटरटेनमेंट और डिजिटल फैसिलिटी बढ़ी
अब कई फ्लाइट्स में हर सीट पर स्क्रीन, नए मूवी और म्यूजिक का बड़ा कलेक्शन मिल रहा है। कुछ एयरलाइंस ने वाई-फाई और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी फैसिलिटीज भी शुरू कर दी हैं। इसके अलावा डिजिटल सिस्टम की वजह से बुकिंग, सीट चॉइस और बोर्डिंग प्रोसेस भी पहले से आसान हो गई है। इससे पैसेंजर का सफर ज्यादा मजेदार बन गया है।
इकॉनोमी क्लास का एक्सपीरियंस अब पहले से काफी बदल गया है और यह ज्यादा आधुनिक होता जा रहा है। एयरलाइंस अब पैसेंजर की जरूरत के मॉडर्न से सुविधाएं दे रही हैं, न कि हर चीज को पहले की तरह फिक्स रख रही हैं। आने वाले समय में इसमें और भी नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसलिए एयर लाइन ट्रैवल अब धीरे-धीरे एक नया और बेहतर एक्सपीरियंस बनती जा रही है।