कनेक्टिंग फ्लाइट में एक फ्लाइट से उतरने के बाद दूसरी फ्लाइट के गेट तक पहुंचना, एयरपोर्ट पर सही रास्ता ढूंढना और सामान या सिक्योरिटी चेक जैसी चीजों को संभालना कई बार जल्दबाजी वाला एक्सपीरियंस बन जाता है। यदि लेओवर का समय कम हो, तो छोटी सी देरी भी परेशानी बढ़ा सकती है। यही वजह है कि कनेक्टिंग फ्लाइट में सफर करते समय थोड़ी समझदारी और पहले से की गई तैयारी काफी काम आती है।
जर्नी को आसान बनाने के लिए आपको हर छोटी बात को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। फ्लाइट में बदलाव या देरी होने की सिचुएशन के लिए भी थोड़ा तैयार रहें। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे, तो कनेक्टिंग फ्लाइट का सफर ज्यादा आराम से और बिना स्ट्रेस के पूरा किया जा सकता है, जैसे-
1. इमिग्रेशन और सिक्योरिटी की इनफार्मेशन लें
2. डॉक्यूमेंट्री चेक करें
कनेक्टिंग फ्लाइट में कई बार इमिग्रेशन, सिक्योरिटी चेक या सामान की दोबारा जांच हो सकती है। इसलिए पासपोर्ट, बोर्डिंग पास और दूसरे जरूरी कागज आसानी से मिलने वाली जगह पर रखें। इन्हें चेक-इन बैग में रखने के बजाय अपने केबिन बैग में रखना बेहतर है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाल सकें।
3. हमेशा टर्मिनल और गेट की डिटेल रखें
बड़े एयरपोर्ट पर एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक पहुंचने में समय लग सकता है। कुछ जगहों पर शटल बस या ट्रेन से भी जाना पड़ता है। इसलिए एयरपोर्ट पहुंचते ही अपनी अगली फ्लाइट का टर्मिनल और गेट नंबर चेक कर लें। इससे आखिरी समय में रास्ता ढूंढने की परेशानी और भागदौड़ से बच सकते हैं।
4. एयरलाइन का ऐप या डीजीयात्रा डाउनलोड करें
अपनी एयरलाइन का ऐप फोन में डाउनलोड करके रखें। इसमें फ्लाइट के समय, गेट में बदलाव, देरी और बोर्डिंग की इन्फॉर्मेशन मिलती रहती है। एयरपोर्ट पर हर अनाउंसमेंट सुन पाना हमेशा आसान नहीं होता, इसलिए फोन पर मिलने वाले अपडेट काफी काम आते हैं।
5. जरूरी सामान केबिन बैग में रखें
कभी फ्लाइट लेट हो सकती है या चेक-इन सामान समय पर नहीं पहुंच पाता। ऐसी सिचुएशन में परेशानी कम करने के लिए कुछ जरूरी चीजें अपने केबिन बैग में रखें। इसमें मोबाइल चार्जर, जरूरी दवाइयां, पानी की बोतल, हल्के स्नैक्स और जरूरत के हिसाब से एक जोड़ी कपड़े रख सकते हैं।
6. लेओवर का समय पहले देखें
दो फ्लाइट्स के बीच कितना समय है, यह टिकट बुक करते समय ही चेक कर लें। बहुत कम समय होने पर पहली फ्लाइट में थोड़ी भी देरी हुई, तो दूसरी फ्लाइट छूट सकती है। वहीं बहुत ज्यादा लंबा गैप होने पर आपको एयरपोर्ट पर काफी देर इंतजार करना पड़ सकता है। इसलिए दोनों फ्लाइट्स के बीच ऐसा समय रखें जिसमें आप आराम से अगले गेट तक पहुंच सकें।
कनेक्टिंग फ्लाइट का सफर सही तैयारी के साथ काफी आसान हो सकता है। ट्रैवल में यदि फ्लाइट के समय या गेट में कोई चेंज हो, तो घबराने के बजाय आराम से इनफार्मेशन चेक करें और उसी के हिसाब से आगे प्लान बनाएं। इस तरह आप बिना ज्यादा भागदौड़ के अपनी ट्रिप पूरी कर सकते हैं।