नकली QR कोड से लेकर फर्जी लिंक तक त्योहारों में दान के नाम पर ऐसा हो रहा है फ्रॉड, आपकी एक गलती और ठगों की दिवाली!

त्योहारों में दान या खरीदारी के लिए UPI का इस्तेमाल आसान जरूर है, लेकिन फर्जी QR कोड के जरिए साइबर ठगी का खतरा भी रहता है। पेमेंट से पहले QR कोड और प्राप्तकर्ता का नाम जांचना और किसी के कहने पर UPI PIN शेयर न करना जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी आपको ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने में मदद कर सकती है।

अपडेटेड Sep 16, 2026 पर 11:41 AM
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त्योहारों के समय पूजा-पंडाल, मेले और बाजारों में दान या चंदा देने का ट्रेंड बढ़ जाता है। आजकल इसके लिए लोग केश देने के बजाय UPI से पेमेंट करना ज्यादा आसान समझते हैं। इसी बीच साइबर ठग फर्जी QR कोड का इस्तेमाल करके लोगों को अपना शिकार बना सकते हैं। कई बार असली क्यूआर कोड की जगह दूसरा कोड लगा दिया जाता है या पैसे वापस मिलने का झांसा देकर UPI PIN डलवा लिया जाता है। ऐसे में थोड़ी सी जल्दबाजी आपके बैंक अकाउंट के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।

इस तरह होता है साइबर फ्रॉड?

फर्जी क्यूआर कोड: त्योहारों के समय मेले, पंडाल या सार्वजनिक जगहों पर दान के लिए क्यूआर कोड लगाए जाते हैं। ठग असली क्यूआर कोड के ऊपर अपना फर्जी क्यूआर कोड चिपका सकते हैं। देखने में यह बिल्कुल सामान्य लग सकता है और लोग बिना चेक किए स्कैन करके पैसे भेज देते हैं।

पैसे वापस मिलने का झांसा: ठग कभी-कभी दान या पेमेंट के बदले कैशबैक या पैसे वापस मिलने की बात कह सकते हैं। इसके बाद वे क्यूआर कोड स्कैन करने और UPI PIN डालने के लिए कहते हैं।


फर्जी लिंक या पेज: कुछ मामलों में क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद किसी अनजान वेबसाइट या पेज पर ले जाया जा सकता है। वहां गलत ऐप डाउनलोड करवाने या पेमेंट से जुड़ी डिटेल भरवाने की कोशिश हो सकती है।

साइबर फ्रॉड से बचने के लिए रखें ये सावधानियां

1. पिन नंबर न डालें: पैसे भेजने या दान करने के लिए UPI PIN डालना जरूरी होता है, लेकिन पैसे लेने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। इसी तरह किसी से पैसे लेने के नाम पर QR कोड स्कैन करने के लिए कहे, तो सावधान हो जाएं।

2. QR कोड चैक करें: किसी भी क्यूआर कोड को स्कैन करने से पहले उसे ध्यान से देखें। खासकर मेले, पूजा पंडाल, दुकान या सार्वजनिक जगह पर लगे QR कोड पर कोई दूसरा स्टीकर चिपका हुआ तो नहीं है, यह जरूर च्ज़ेक कर लें।

3. नाम वेरिफिकेशन करें: QR कोड स्कैन करने के बाद तुरंत पिन डालकर पेमेंट न करें। पेमेंट ऐप में सबसे पहले उस व्यक्ति या ऑर्गेनाइजेशन का नाम देखें, जिसके अकाउंट में पैसा जा रहा है। नाम सही नहीं है या आपके सामने मौजूद दुकान, ऑर्गेनाइजेशन या ऑर्गेनाइजर से मैच नहीं होता, तो ट्रांजैक्शन रोक दें।

4. जल्दबाजी न करें: त्योहारों की भीड़ में कई बार लोग जल्दी-जल्दी पेमेंट कर देते हैं। इसी का फायदा ठग उठा सकते हैं। व्हाट्सएप, मैसेज या किसी अनजान व्यक्ति के जरिए भेजे गए QR कोड को बिना चेक करे स्कैन न करें।

नोट: आपके साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी हो जाती है, तो बिना देर किए 1930 पर कॉल करके इसकी जानकारी दें। इसके साथ ही भारत सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

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