खूबसूरत वादियां और सुंदरता के लिए अरुणाचल प्रदेश पहले ही जाना जाता हैं। अब यहां की एक और छिपी हुई झील ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। तवांग की ऊंची पहाड़ियों के बीच मौजूद पेमा त्सो झील का खूबसूरत वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
खूबसूरत वादियां और सुंदरता के लिए अरुणाचल प्रदेश पहले ही जाना जाता हैं। अब यहां की एक और छिपी हुई झील ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। तवांग की ऊंची पहाड़ियों के बीच मौजूद पेमा त्सो झील का खूबसूरत वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
तवांग की खूबसूरती (Beauty of Tawang)
अरुणाचल प्रदेश के तवांग की ऊंची पहाड़ियों के बीच पेमा त्सो झील अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण लोगों का ध्यान खींच रही है। यह झील चारों तरफ से पहाड़ों, बर्फ और ग्लेशियर से घिरी हुई है, जिससे यहां का नजारा शांत और मनमोहक दिखाई देता है। झील का साफ और नीला पानी आसपास की बर्फीली चोटियों को अपने अंदर दिखाता है। यहां शहरों की भीड़ और शोर से दूर सिर्फ प्रकृति की शांति महसूस होती है। नेचर लवर, फोटोग्राफी पसंद करने वाले लोग और एडवेंचर करने वाले ट्रैवलर के लिए तवांग एक शानदार जगह बन सकता है। यहां की हिमालयी सुंदरता इसे एक अनोखी पहचान देती है।
पेमा त्सो झील (Pema Tso Lake)

तवांग के बारे में सबसे पहले राज्य बोर्ड के सदस्य जंबे डोंडू ने जानकारी दी। झील के आसपास फैली बर्फीली पहाड़ियां, साफ पानी और बादलों से ढका खूबसूरत वातावरण दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि दुनिया में कई ऐसी प्राकृतिक जगहें मौजूद हैं, जो आम लोगों की नजरों से दूर रहती हैं। कुछ झीलें पहाड़ों, ग्लेशियर और चट्टानों के बीच छिपी होती हैं और वहां पहुंचने के लिए मुश्किल रास्तों से गुजरना पड़ता है। जिसके बाद कई लोगों को तवांग की इस अनदेखी खूबसूरती के बारे में जानकारी मिली। इस जानकारी ने छिपी हुई झील को देश-दुनिया के लोगों तक पहुंचाने का काम किया है।
हिमालय का शांत रूप (Himalayan Peaceful Beauty)
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी तवांग का वीडियो शेयर किया और इसे हिमालय की शांत सुंदरता का प्रतीक बताया। उन्होंने इस जगह की खूबसूरती को लोगों के सामने रखा और तवांग को उजागर किया। तवांग जैसी जगहें दिखाती हैं कि हिमालय में आज भी कई ऐसी जगह मौजूद हैं। यहां न ज्यादा भीड़ होती है और न ही शहरी भागदौड़ का असर। मुख्यमंत्री के वीडियो शेयर करने के बाद इस झील को लेकर लोगों की रुचि और बढ़ी है। अब यहां जाने वाले टूरिस्ट तवांग की इस झील को देखने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
तवांग का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व (Historical and Cultural Importance of Tawang)
तवांग अरुणाचल प्रदेश का एक खूबसूरत शहर है, जो भूटान और तिब्बत की सीमा के पास है। यह जगह पहाड़ों और प्राकृतिक नजारों के साथ ही अपने इतिहास और संस्कृति के लिए भी पॉपुलर है। तवांग में स्थित तवांग मठ (Tawang Monastery) एशिया के सबसे बड़े और पुराने बौद्ध मठों में से एक है। यह मठ बौद्ध धर्म और मोनपा समुदाय की संस्कृति का हब माना जाता है। यहां की पहाड़ी लाइफस्टाइल टूरिस्ट को एक अलग एक्सपीरियंस देती है।
तवांग में बढ़ रहा एडवेंचर टूरिज्म (Growing Adventure Tourism in Tawang)
तवांग अब सिर्फ घूमने के लिए ही नहीं, बल्कि एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए भी तेजी से पॉपुलर हो रहा है। राज्य सरकार यहां विंटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। बर्फ से ढके पहाड़ों और ठंडे मौसम के कारण यहां स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और अन्य विंटर एडवेंचर एक्टिविटी के लिए बेहतर संभावनाएं हैं। तवांग को बड़े एडवेंचर डेस्टिनेशन में डेवेलप करने की कोशिश की जा रही है, जिससे यहां ज्यादा से ज्यादा टूरिस्ट यहां आ सकें।
विंटर एडवेंचर ट्रेनिंग (Winter Adventure Training)
विंटर एडवेंचर तवांग 2026 के तहत स्कीइंग और स्नोबोर्डिंग की ट्रेनिंग आयोजित की जा रही है। राज्य में विंटर स्पोर्ट्स को बढ़ाने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने यहां पहुंचकर ट्रेनिंग ले रहे युवाओं से मुलाकात की और उनके एक्सपीरियंस जाने। उन्होंने बताया कि ऐसी एक्टिविटीज तवांग में एडवेंचर टूरिज्म को मजबूत करेगी। यह ट्रेनिंग युवाओं को खेल के साथ-साथ टूरिस्ट के नए अवसर भी देगी।
अरुणाचल प्रदेश की पहली रामसर साइट (First Ramsar Site of Arunachal Pradesh)
अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में ग्लॉ झील को राज्य की पहली रामसर साइट का दर्जा मिला है। इससे यहां रह रहे लोगों के लिए टूरिस्म और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। साथ ही आने वाली जनरेशन के लिए इस प्राकृतिक धरोहर को बचाने में मदद मिलेगी।
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