आजकल परिवार के साथ विदेश ट्रैवल करना कई लोगों का सपना होता है, लेकिन अक्सर लोग यह नहीं जानते कि जिन एक्सपीरियंस के लिए वे लाखों रुपये खर्च करके विदेश जाते हैं, उनमें से कई एक्सपीरियंस भारत में भी काफी कम बजट में मिल सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कोई परिवार मालदीव जाने की प्लानिंग बनाता है, तो उसे फ्लाइट, होटल और ज्यादा खर्च करने होते हैं। वहीं भारत के कुछ डेस्टिनेशन लगभग वैसा ही एक्सपीरियंस कम बजट में दे सकते है:
लक्जरी और मॉडर्न अट्रैक्शन के लिए दुबई भी इंडियन टूरिट्स के बीच बेहद पॉपुलर है, लेकिन वहां परिवार के साथ जाना 2 से 5 लाख रुपये तक महंगा पड़ सकता है। इसके विपरीत राजस्थान में भव्य महल, शाही होटल, रेगिस्तान सफारी और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक्सपीरियंस 50 हजार से 1.5 लाख रुपये के बीच लिया जा सकता है। कई टूरिस्ट को राजस्थान की शाही भव्यता किसी विदेशी डेस्टिनेशन से कम नहीं लगती।
इसी तरह स्विट्जरलैंड अपनी बर्फीली पहाड़ियों, हरी-भरी घाटियों और झीलों के लिए पॉपुलर है, लेकिन वहां चार सदस्यीय परिवार का एक सप्ताह का दौरा 4 से 10 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। दूसरी ओर, कश्मीर में भी बर्फ से ढकी चोटियां, खूबसूरत झीलें, हाउसबोट और मनमोहक नेचुरल व्यू देखने को मिलते हैं, और यह यात्रा अक्सर 50 हजार से 1.5 लाख रुपये के बीच पूरी हो जाती है। यही कारण है कि कश्मीर को कई बार "भारत का स्विट्जरलैंड" भी कहा जाता है।
थाईलैंड बनाम गोवा और केरल
समुद्र तट और रिलैक्सिंग वेकेशन पसंद करने वाले लोग अक्सर बाली या थाईलैंड का रुख करते हैं। बाली की फैमिली ट्रिप पर लगभग 1.5 से 4 लाख रुपये और थाईलैंड की ट्रिप पर 1.5 से 3.5 लाख रुपये तक खर्च हो सकता है। जबकि भारत में गोवा और केरल जैसे गंतव्य समुद्र तट, रिसॉर्ट, वॉटर स्पोर्ट्स, स्पा और नेचुरल ब्यूटी का लगभग वैसा ही एक्सपीरियंस काफी कम खर्च में देते हैं। यहां 40 हजार से 1.2 लाख रुपये के बजट में आरामदायक फैमिली वेकेशन बिताया जा सकता हैं।
मालदीव बनाम अंडमान और निकोबार
यदि कोई परिवार मालदीव जाने की योजना बनाता है, तो 5–6 दिनों की ट्रैवल में फ्लाइट, होटल और अन्य खर्च मिलाकर 2.5 से 6 लाख रुपये तक खर्च हो सकते हैं। वहीं भारत के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में लगभग वैसा ही नीले समुद्र, सफेद रेत वाले बीच और वॉटर स्पोर्ट्स का एक्सपीरियंस 60 हजार से 1.5 लाख रुपये के भीतर मिल सकता है
यदि बात जापान जैसी अनोखी संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता की हो, तो वहां की यात्रा एक परिवार के लिए 4 से 8 लाख रुपये या उससे अधिक की हो सकती है। वहीं सिक्किम में शांत वातावरण, खूबसूरत पहाड़, बौद्ध मठ, स्वच्छ शहर और अनूठी स्थानीय संस्कृति का आनंद 60 हजार से 1.5 लाख रुपये के भीतर लिया जा सकता है। यही वजह है कि आज कई लोग विदेश जाने से पहले भारत के इन अनोखे टूरिस्ट डेस्टिनेशन को प्रायोरिटी देने लगे हैं।
कुल मिलाकर देखा जाए तो विदेश ट्रिप की तुलना में भारत के कई टूरिस्ट डेस्टिनेशन 50 से 80 प्रतिशत तक कम खर्च में लगभग समान एक्सपीरियंस दे सकते हैं। इसके अलावा वीज़ा, विदेशी मुद्रा, भाषा की समस्या और लंबी फ्लाइट की चिंता भी नहीं रहती। इसलिए अगली बार फैमिली वेकेशन की प्लानिंग बनाते समय भारत के इन शानदार ऑप्शन पर जरूर विचार करना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी अपने ही देश में छिपे खजाने विदेशों से भी ज्यादा यादगार साबित होते हैं।