मानसून (monsoon) आते ही भारत के जंगल, घास के मैदान और गीली जमीन रंग-बिरंगे नजारों से भर उठते हैं। इसी मौसम में राष्ट्रीय पक्षी मोर अपने रंग-बिरंगे पंख फैलाकर मन को लुभाने वाला नाच करता है, जिसे देखना किसी यूनिक एक्सपीरियंस से कम नहीं। अगर आप नेचर और वन्यजीवों (wildlife) के शौकीन हैं, तो ये जगहें मानसून में मोरों के दीदार के लिए बेहतरीन ऑप्शन हैं:
Viralimalai Peacock Sanctuary, Tamil Nadu (विरलिमलाई पीकॉक सैंक्चुअरी, तमिलनाडु)
तिरुचिरापल्ली (Tiruchirappalli) (त्रिची) से करीब 30 किलोमीटर दूर विरलिमलाई पीकॉक सैंक्चुअरी (Viralimalai Peacock Sanctuary) भारतीय मोरों को प्राकृतिक वातावरण में देखने के लिए फेमस है। यहां मोर सुब्रमण्य स्वामी (Subramanya Swamy) मंदिर और आसपास की पहाड़ियों में खुलेआम घूमते नजर आते हैं। मानसून में हरियाली बढ़ने के साथ मोरों का नृत्य इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देता है।
बारिश के मौसम में रणथंभौर (Ranthambore) के ज्यादातर कोर सफारी जोन (safari zone) बंद रहते हैं, लेकिन कुछ बफर जोन टूरिस्ट के लिए खुले रहते हैं। इस दौरान हरी-भरी घाटियां और बादलों से घिरा आसमान मोरों के नृत्य के लिए शानदार नेचुरल बैकड्रॉप तैयार करते हैं। टाइगर के साथ-साथ मोरों को देखने का भी यह बेहतरीन समय माना जाता है।
Bankapura Peacock Sanctuary, Karnataka (बांकापुरा पीकॉक सैंक्चुअरी, कर्नाटक)
हावेरी (Haveri) जिले के पास स्थित यह अभयारण्य (sanctuary) खास तौर पर मोरों के संरक्षण (conservation) के लिए जाना जाता है। यहां हजारों भारतीय मोर पुराने किले के अवशेषों और घने पेड़ों के बीच रहते हैं। मानसून में हरियाली और ऐतिहासिक खंडहरों का ब्लेंड इस जगह को बर्ड वॉचिंग और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी (wildlife photography) के लिए खास बनाता है।
Morachi Chincholi, Maharashtra (मोराची चिंचोली, महाराष्ट्र)
पुणे (Pune) से लगभग 55 किलोमीटर दूर मोराची चिंचोली को 'मोरों का गांव' कहा जाता है। यहां रहने वाले लोग वर्षों से मोरों की बचाव और संरक्षण (conservation) में एक्टिव रोल प्ले कर रहे हैं। बारिश के मौसम में खेतों, बागों और खुले मैदानों में बड़ी संख्या में मोरों को पंख फैलाकर नृत्य करते हुए देखा जा सकता है, जो टूरिस्ट के लिए यादगार एक्सपीरियंस होता है।
Jim Corbett National Park, Uttarakhand (जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड)
मानसून (monsoon) के दौरान जिम कॉर्बेट का जंगल पूरी तरह हरा-भरा हो जाता है। हालांकि कुछ सफारी जोन बंद रहते हैं, लेकिन झिरना (Jhirna) और सीताबानी (Sitabani) जैसे क्षेत्र खुले रहते हैं। इस मौसम में मोर, तोते, उल्लू और कई अन्य पक्षियों की एक्टिविटीज बढ़ जाती हैं, जिससे पक्षी प्रेमियों को शानदार बर्ड वॉचिंग (birdwatching) का मौका मिलता है।
Sariska Tiger Reserve, Rajasthan (सरिस्का टाइगर रिजर्व, राजस्थान)
अलवर जिले में सरिस्का टाइगर रिजर्व (Sariska Tiger Reserve, Rajasthan) मानसून में अलग ही रूप में नजर आता है। बारिश के बाद अरावली की पहाड़ियां हरियाली से ढक जाती हैं और जंगल जीवन से भर उठता है। इस मौसम में मोर खुले मैदानों और जंगल के किनारों पर आसानी से दिखाई देते हैं, इसलिए यह जगह मानसून में पक्षी और वन्यजीव (wildlife) प्रेमियों के लिए बेहतरीन ऑप्शन मानी जाती है।