फ्लाइट में सीट चुनना छोटी बात लग सकती है, लेकिन सही सीट सफर को काफी आरामदायक बना सकती है। कुछ पैसेंजर को खिड़की के पास बैठकर बाहर का नजारा देखना और सोना पसंद होता है, तो कुछ लोग ऐसी सीट चाहते हैं जहां से आसानी से उठकर वॉशरूम जा सकें। इसलिए सीट का चुनाव आपकी जरूरत और सफर के तरीके के हिसाब से करना बेहतर रहता है।
आप भी फ्लाइट टिकट बुक करते समय विंडो, आइल और मिडिल सीट को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं, तो इनके फायदे और नुकसान जान लेना चाहिए। इससे छोटी हो या लंबी फ्लाइट, आप अपनी सुविधा के हिसाब से सही सीट चुन पाएंगे।
मिडिल सीट आमतौर पर पैसेंजर की पहली पसंद नहीं होती, लेकिन इसके भी कुछ फायदे हैं। यदि आप किसी दोस्त या परिवार के सदस्य के साथ सफर कर रहे हैं, तो साथ बैठने के लिए यह सीट काम आ सकती है। इसके अलावा, आम तौर पर मिडिल सीट पर बैठे पैसेंजर को दोनों आर्मरेस्ट इस्तेमाल करने की फैसिलिटी देने की बात कही जाती है। लेकिन दो पैसेंजर के बीच बैठने से जगह थोड़ी कम महसूस हो सकती है।
विंडो से फ्लाइट के बाहर का सीन देखना है तो विंडो सीट आपके लिए परफेक्ट हो सकती है। इसमें आप खिड़की से सिर टिकाकर आराम कर सकते हैं और आसपास के पैसेंजर की आवाजाही भी कम परेशान करती है। लेकिन वॉशरूम जाने के लिए आपको साथ बैठे पैसेंजर से बाहर निकलने के लिए कहना पड़ सकता है।
लंबी फ्लाइट के लिए ऐसे चुनें सीट
लंबी फ्लाइट में सीट चुनना और भी जरूरी हो जाता है। आपका ज्यादातर समय सोने में गुजरने वाला है, तो विंडो सीट कम्फर्टेबल रह सकती है। वहीं, बार-बार वॉशरूम जाने या बीच-बीच में चलने की जरूरत हो तो आइल सीट ज्यादा सुविधाजनक होगी। इसलिए लॉन्ग जर्नी में अपनी जरूरत के हिसाब से सीट चुनें।
सीट बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सीट चुनते समय सिर्फ विंडो या आइल ही न देखें, बल्कि फ्लाइट का रूट, सफर की अवधि और एयरक्राफ्ट का सीट मैप भी देख लें। आपको शांति चाहिए तो वॉशरूम या गैली के बिल्कुल पास वाली सीट से बचना बेहतर हो सकता है। सीट पहले से बुक करने पर पसंद की जगह मिलने की संभावना भी ज्यादा रहती है।
यदि आपका बजट थोड़ा ज्यादा है, तो आप लॉन्ग लेग स्पेस वाली सीट भी ले सकते हैं। इसमें पैरों को फैलाने के लिए ज्यादा जगह मिलती है, जिससे खासकर लंबी फ्लाइट में बैठना ज्यादा कम्फर्टेबल हो सकता है। सही सीट आपकी पूरी फ्लाइट को ज्यादा आरामदायक बना सकती है। इसलिए टिकट बुक करते समय सिर्फ खिड़की का नजारा या सीट की कीमत न देखें, बल्कि यह भी सोचें कि सफर के दौरान आपको कितनी बार उठना पड़ेगा, आराम करना है या सोना है और आपके साथ कौन ट्रैवल कर रहा है। थोड़ी सी समझदारी से चुनी गई सीट लॉन्ग जर्नी की थकान को कम कर सकती है और सफर को ज्यादा सुकूनभरा बना सकती है।