देहरादून से मसूरी अब मात्र 20 मिनट में पूरा होगा, देश के इस खूबसूरत हिल स्‍टेशन पर हवा में बन रही सड़क!

जल्द ही देहरादून से मसूरी तक के लिए रोपवे सुविधा शुरू होने जा रही है। सितंबर 2026 से शुरू होने जा रही यह नई स्काई कार सेवा देहरादून और मसूरी के बीच यात्रा को बेहद आसान बना देगी। इस रोपवे से सफर सिर्फ 20 मिनट में पूरा हो जाएगा

अपडेटेड May 20, 2025 पर 10:45 PM
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यह नई सुविधा सफर को न सिर्फ तेज बनाएगी बल्कि आरामदायक भी बनाएगी (Photo Credit: Canva)

अगर आप पहाड़ों पर घूमने के शौकिन है तो आपके लिए अच्छी खबर है। जल्द ही देहरादून से मसूरी की दूरी को आप 20 मिनट में कर पाएगे। आमतौर पर सड़क मार्ग से देहरादून से मसूरी तक जाने में 90 मिनट या उससे ज्यादा का समय लग जाता है। यह दूरी लगभग 34 किलोमीटर है। लेकिन अब ये सफर बहुत आसान और तेज होने वाला है। देहरादून से मसूरी तक एक नई रोपवे सेवा शुरू की जा रही है, जिसमें 5.2 किलोमीटर लंबी मोनो-केबल गोंडोला सिस्टम लगाई जा रही है, जिससे ये दूरी मात्र 20 मिनट में पूरी हो जाएगी।

इन दोनों जगहों के बीच कोई सीधी ट्रेन सेवा नहीं है, इसलिए लोग बस, टैक्सी या अपनी गाड़ी से ही सफर करते हैं। ऐसे में रोपवे की यह सुविधा लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होगी जो जल्दी और आरामदायक सफर करना चाहते हैं।

300 करोड़ की है योजना


यह रोपवे सफर को बिल्कुल नया एक्सपीरिएंस देगा, क्योंकि इसमें ऊंचाई से यात्रा करने का अलग ही मजा मिलेगा। मसूरी स्काई कार प्राइवेट लिमिटेड एक शानदार रोपवे लाइन शुरू करने जा रहा है, जिसे भारत का सबसे लंबा पैसेंजर रोपवे बताया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इस योजना का पहली बार खुलासा ऑस्ट्रिया के इंसब्रुक में हुए इंटरलपिन 2023 इवेंट में किया गया था। यह रोपवे सफर एक साथ प्राकृतिक खूबसूरती और आरामदायक लग्जरी का अनुभव देगा, जो यात्रियों के लिए यादगार बन जाएगा।

कब शुरू होगी ये योजना

सितंबर 2026 से शुरू होने जा रही यह नई स्काई कार सेवा देहरादून और मसूरी के बीच यात्रा को बेहद आसान बना देगी। यह 5.2 किलोमीटर लंबी मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला लाइन लगभग 1,000 मीटर की ऊँचाई तक चढ़ेगी और दोनों शहरों को जोड़ देगी। इस ऊंचाई से आप शिवालिक की पहाड़ियों, घने जंगलों की घाटियों और धुंध से ढकी सुंदर पहाड़ी रास्तों का नजारा देख सकेंगे। इस रोपवे से सफर सिर्फ 20 मिनट में पूरा हो जाएगा, जबकि अभी सड़क से यह दूरी लगभग 33 किलोमीटर है और इसे तय करने में करीब 2 घंटे का समय लग जाता है।

हर मौसम खुला रहेगा रोपवे

इस रोपवे को FIL इंडस्ट्रीज, SRM इंजीनियरिंग और फ्रांस की कंपनी POMA SAS मिलकर तैयार कर रही हैं। यह गोंडोला राइड पूरी तरह से बिजली से चलेगी और हर मौसम में साल भर खुली रहेगी। यह सिस्टम यूरोपीय सुरक्षा मानकों के अनुसार बनाया जाएगा। इसकी कुछ जरूरी तकनीकी चीजें भारत में ही तैयार की जाएंगी, जिससे देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और लोगों के लिए नए रोजगार के अवसर भी बनेंगे। यूरोपीय सुरक्षा मानकों (CEN) के अनुसार प्रमाणित यह रोपवे सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और समय-समय पर इसकी जांच और निगरानी की जाती रहेगी, ताकि इसकी विश्वसनीयता बनी रहे।

कितने लोग बैठ सकते हैं

इस रोपवे में सफर करना बहुत आसान और आरामदायक होगा। ये 20 मिनट की हवाई यात्रा आपको शहर की भीड़ से दूर एक शांत अनुभव देगी। हर घंटे यह रोपवे एक दिशा में लगभग 1,300 यात्रियों को ले जा सकेगा। इसमें चलने वाली केबल कारों में 10 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी, जिनमें ऑटोमैटिक दरवाजे और अच्छी वेंटिलेशन होगी। खास बात ये है कि खराब मौसम में भी आपकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। यह गोंडोला सिस्टम पर्यावरण के अनुकूल है, जो ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन घटाकर प्रकृति को भी सुरक्षित रखने में मदद करेगा।

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