मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के बाद अब केंद्र सरकार देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का तेजी से बढ़ाने की तैयारी में है। इसी कड़ी में दिल्ली से चार नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। वहीं, भारतीय रेलवे भी ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू करने जा रहा है। आइए जानते हैं इन दोनों मेगा प्रोजेक्ट से जुड़ी अहम बातें:
1. दिल्ली बनेगा हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का बड़ा हब
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजरक्ट के बाद केंद्र सरकार अब दिल्ली-एनसीआर को भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत दिल्ली से शुरू होने वाले चार नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर डेवेलप किए जाएंगे। इनमें दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर को सबसे अहम माना जा रहा है।
प्रस्तावित दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक, राजनीतिक और औद्योगिक शहरों को जोड़ेगा। यह मार्ग नोएडा, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, न्यू भदोही और वाराणसी से होकर गुजरेगा। इसकी लंबाई करीब 813 से 865 किलोमीटर होगी और इसमें 13 से 15 स्टेशन बनाए जाने की प्लानिंग है। इसके अलावा लखनऊ से अयोध्या तक अलग हाई-स्पीड रेल लाइन का भी प्रपोजल है।
3. दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी होगा सबसे लंबा कॉरिडोर
दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत का सबसे लंबा हाई-स्पीड रेल मार्ग बनने की प्लानिंग में है। दिल्ली-वाराणसी लाइन को आगे बढ़ाकर सिलीगुड़ी तक ले जाया जाएगा, जिससे उत्तर भारत का सीधा कांटेक्ट पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत से हो सकेगा। यह उन सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में शामिल है, जिनकी अनाउंस केंद्र सरकार ने बजट में की थी।
4. दिल्ली-अमृतसर-जम्मू कॉरिडोर से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
प्रस्तावित दिल्ली-अमृतसर-जम्मू बुलेट ट्रेन कॉरिडोर हरियाणा और पंजाब के कई मेजर सिटीज को जोड़ेगा। यह रुट रोहतक, जींद, कैथल, चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना और जालंधर होते हुए अमृतसर पहुंचेगा। फ्यूचर में इसे जम्मू तक बढ़ाने की प्लानिंग भी है, जिससे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
5. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन की टाइमलाइन
भारत की पहली मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का पहला चरण सूरत से बिलीमोरा के बीच वर्ष 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। वहीं पूरे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को 2029 तक पूरा करने का गोल रखा गया है।
6. 17 जुलाई को दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को जींद स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच लगभग 90 किलोमीटर की दूरी करीब एक घंटे में तय करेगी। इसी दिन प्रधानमंत्री 75 अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का भी इनॉग्रेशन करेंगे।7. हाइड्रोजन ट्रेन की खास बातें
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के ऑपरेशन के लिए सभी जरूरी एनओसी मिल चुकी हैं। 10 कोच वाली इस ट्रेन में पैसेंजर के लिए किराया 5 रुपये से 25 रुपये के बीच रखा जा सकता है। उत्तर रेलवे का दिल्ली मंडल इसके इनॉग्रेशन की तैयारियों में जुटा है। हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली यह ट्रेन इको-फ्रेंडली मानी जा रही है और भारतीय रेलवे के ग्रीन ट्रांसपोर्ट मिशन की दिशा में एक बड़ा कदम होगी।
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर और पहली हाइड्रोजन ट्रेन जैसी प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे को मॉडर्न और इको-फ्रेंडली बनाने की दिशा में अहम कदम हैं। इनसे जर्नी का समय कम होगा, शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और पैसेंजर को तेज व कम्फर्टेबल जर्नी का ऑप्शन मिलेगा। आने वाले वर्षों में ये प्रोजेक्ट देश के ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को नई पहचान देने के साथ इकोनॉमिक ग्रोथ को भी बढ़ा सकती हैं।