जगह ऐसी की जन्नत से कम नहीं लगेगी, लेकिन मानसून में भूलकर भी न जाएं इन 5 डेस्टिनेशन पर!
मानसून में घूमने का मजा तभी आता है, जब जर्नी सेफ हो। बारिश के मौसम में कई जगहों पर लैंडस्लाइड, बाढ़ और रास्ते बंद होने जैसी परेशानियां आ सकती हैं। इसलिए सफर से पहले मौसम की जानकारी लेना और जरूरी सामान साथ रखना बहुत जरूरी है। थोड़ी सावधानी और सही प्लानिंग से आप अपनी ट्रिप को सेफ और यादगार बना सकते हैं। बारिश के मौसम में नेचर की खूबसूरती का आनंद लेते हुए सेफ्टी का ध्यान जरूर रखें।
MoneyControl News
अपडेटेड Jul 10, 2026 पर 8:00 AM
मानसून भारत की कई जगहों को बेहद खूबसूरत बना देता है, लेकिन कुछ पहाड़ी और ज्यादा बारिश वाले इलाकों में यही मौसम ट्रिप के दौरान परेशानी भी खड़ी कर सकता है। भारी बारिश, लैंडस्लाइड, अचानक बाढ़, सड़क बंद होने और खराब मौसम के कारण ट्रिप इफेक्ट हो सकती है। अगर आप मानसून में इन जगहों की ट्रिप करने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो ये बातें जरूर ध्यान रखे:
1. चेरापूंजी और मौसिनराम, मेघालय
चेरापूंजी और मौसिनराम दुनिया की सबसे ज्यादा बारिश वाली जगहों में शामिल हैं। मानसून के दौरान यहां लगातार बारिश होने से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और कई बार छोटे-बड़े लैंडस्लाइड की सिचुएशन बन जाती है। पहाड़ी रास्तों पर ट्रैवल करते समय वाहन चलाना मुश्किल हो सकता है और कुछ जगहों पर रास्ते टेम्परेरी बंद भी हो सकते हैं।
घूमने की जगहें: लिविंग रूट ब्रिज, नोहकलिकाई फॉल्स, मावसमाई गुफाएं और डबल डेकर रूट ब्रिज यहां के मेन अट्रैक्शन हैं।
सावधानी रखें: ट्रैवल से पहले मौसम और रोड कंडीशन जरूर चेक करे। बारिश के दौरान नदी, झरने या तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचें। अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनें और जरूरी दवाइयां व रेन गियर साथ रखें।
2. दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल
दार्जिलिंग मानसून में हरे-भरे पहाड़ों और धुंध के कारण बेहद खूबसूरत लगता है, लेकिन भारी बारिश के समय यहां लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ जाता है। पहाड़ी सड़कों पर पत्थर गिरने और रास्ते बंद होने की समस्या आ सकती है।
घूमने की जगहें: टाइगर हिल, बतासिया लूप, चाय के बागान, हिमालयन रेलवे और शांति स्तूप यहां के मेन अट्रैक्शन हैं।
सावधानी रखें: बारिश के मौसम में ट्रैवल प्लान फ्लेक्सिबल रखें। लोकल अथॉरिटी की सलाह मानें और रात के समय पहाड़ी रास्तों पर ट्रैवल करने से बचें। होटल बुकिंग ऐसी जगह करें जहां जरूरत पड़ने पर ज्यादा दिन रुक सकें।
3. मुन्नार और पश्चिमी घाट, केरल
केरल के पश्चिमी घाट मानसून में हरियाली से भर जाते हैं, लेकिन भारी बारिश के कारण यहां लैंडस्लाइड, पानी भरने और सड़क खराब होने की समस्या हो सकती है। पहाड़ी एरिया में अचानक मौसम बदल सकता है।
घूमने की जगहें: चाय के बागान, एराविकुलम नेशनल पार्क, मट्टुपेट्टी डैम, टॉप स्टेशन और झरने यहां देखने लायक हैं।
सावधानी रखें: तेज बारिश के दौरान ट्रेकिंग और जंगल क्षेत्रों में जाने से बचें। नदी और झरनों के पास सेफ्टी गाइडलाइन का पालन करें। ट्रैवल से पहले लोकल वेदर अपडेट जरूर देखें।
4. केदारनाथ, उत्तराखंड
केदारनाथ हिमालय क्षेत्र में एक पॉपुलर धार्मिक स्थल है, लेकिन मानसून के दौरान यहां मौसम तेजी से बदल सकता है। भारी बारिश के कारण रास्तों पर लैंडस्लैड, पत्थर गिरने और ट्रिप रोड इफेक्ट होने की संभावना रहती है।
घूमने की जगहें: केदारनाथ मंदिर, भैरवनाथ मंदिर, मंदाकिनी नदी और आसपास के हिमालयी सीन अट्रेक्टिव हैं।
सावधानी रखें: ट्रैवल से पहले मौसम और रोड की कंडीशन जरूर चेक करे। बारिश में पैदल ट्रैवल करते समय सावधानी रखें, खराब मौसम में ट्रिप रोकना बेहतर होता है।
5. चार धाम हाईवे, उत्तराखंड
उत्तराखंड के चार धाम मार्ग पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरते हैं, इसलिए मानसून में यहां लैंडस्लाइड और सड़क बाधित होने की संभावना रहती है। बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा गिर सकता है और कई बार ट्रैफिक रुक जाता है।
घूमने वाले प्रमुख स्थान: यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ यहां के मुख्य धार्मिक स्थल हैं।
सावधानी रखें: यात्रा से पहले रोड कंडीशन और मौसम की जानकारी लें। रात में ड्राइविंग से बचें और जरूरी सामान साथ रखें।
6. मनाली-लेह और श्रीनगर-लेह हाईवे
लद्दाख जाने वाले ये हाईवे अपने शानदार पहाड़ी नजारों के लिए पॉपुलर हैं, लेकिन मानसून और खराब मौसम में कई जगहों पर भूस्खलन, सड़क टूटने और अचानक मौसम बदलाव की समस्या आ सकती है।
घूमने की जगहें: मनाली, रोहतांग क्षेत्र, जोजिला पास, कारगिल, लेह, पैंगोंग झील और नुब्रा वैली बहुत सुंदर हैं।
सावधानी रखें: ट्रैवल से पहले सड़क खुली है या नहीं, इसकी जानकारी जरूर लें। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में धीरे-धीरे ट्रैवल करें और शरीर को मौसम से ढलने का समय दें। जरूरी दवाइयां, गर्म कपड़े, पानी और स्नैक्स साथ रखें।
मानसून में पहाड़ी इलाकों की ट्रिप के लिए जरूरी टिप्स
मानसून में ट्रैवल करते समय सेफ्टी का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। भारी बारिश के दिनों में ट्रेकिंग, नदी किनारे जाने और जोखिम वाली जगहों पर जाने से बचें। अपने साथ वाटरप्रूफ बैग, रेनकोट, अच्छे जूते और जरूरी दवाइयां जरूर रखें। पहाड़ी इलाकों में रात के समय ड्राइविंग करने से बचें और होटल व ट्रांसपोर्ट की बुकिंग में बदलाव की सुविधा रखें। स्थानीय लोगों और प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लें और इमरजेंसी के लिए पावर बैंक, जरूरी दस्तावेज और कुछ नकद पैसे हमेशा साथ रखें।