
मानसून में यह झरना अपने नाम की तरह “दूध का सागर” लगने लगता है। लगभग 300 मीटर की ऊंचाई से गिरता पानी चार अलग-अलग स्तरों में टूटकर नीचे आता है, जिससे चारों तरफ सफेद धुंध और स्प्रे का बादल बन जाता है। यह झरना घने भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य के बीच है, इसलिए यहां पहुंचना भी एक एडवेंचर होता है—ट्रेन से गुजरते समय झरने का व्यू बेहद फिल्मी लगता है। मानसून में इसका बहाव इतना तेज होता है कि इसके आसपास का पूरा इलाका गूंज उठता है।2. नोहकलिकाई झरना (मेघालय)

भारत का सबसे ऊंचा प्लंज झरना, जो लगभग 340 मीटर की ऊंचाई से गिरता है। मानसून में यहां बादल इतने नीचे आ जाते हैं कि झरना कभी-कभी धुंध में पूरी तरह गायब और फिर अचानक दिखाई देता है। इस झरने के साथ एक लोककथा भी जुड़ी है, जिससे इसका नाम पड़ा। आसपास का चेरापूंजी क्षेत्र पहले से ही दुनिया के सबसे ज्यादा बारिश वाले जगहों में से एक है, इसलिए यहां हरियाली और नमी दोनों चरम पर होते हैं।3. अथिरापल्ली झरना (केरल)

यह झरना लगभग 80 फीट चौड़ा है और मानसून में इसका पानी इतना शक्तिशाली हो जाता है कि यह पूरा क्षेत्र कंपन करता हुआ महसूस होता है। यह पश्चिमी घाट के घने जंगलों में है, जहां हाथी और कई वन्यजीव भी पाए जाते हैं। इसे “भारत का नियाग्रा” कहा जाता है क्योंकि इसकी चौड़ाई और ताकत बेहद प्रभावशाली है।4. जोग झरना (कर्नाटक)

यह झरना चार अलग-अलग धाराओं—राजा, रॉकेट, रानी और रोअरर—में गिरता है। मानसून में ये चारों धाराएं मिलकर एक विशाल सफेद दीवार जैसी बन जाती हैं। लगभग 830 फीट की ऊंचाई से गिरता यह झरना भारत के सबसे ऊंचे झरनों में गिना जाता है। बारिश में यहां का व्यू इतना भव्य होता है कि बादल और पानी एक साथ मिल जाते हैं।5. चित्रकूट झरना (छत्तीसगढ़)

इसे “भारत का नियाग्रा” भी कहा जाता है। मानसून में इसकी चौड़ाई इतनी बढ़ जाती है कि यह एक विशाल सेमी-सर्कुलर कर्टेन जैसा दिखता है। इंद्रावती नदी पर बना यह झरना घने जंगलों के बीच स्थित है, और बारिश के समय इसका पानी लाल मिट्टी के साथ मिलकर एक अनोखा व्यू बनाता है।6. ठोसेघर झरना (महाराष्ट्र)

यह झरना कई छोटे-बड़े झरनों की सीरीज है, जो एक साथ मिलकर बेहद सुंदर व्यू बनाते हैं। मानसून में इसकी ऊंचाई से गिरती धाराएं दूर से ही दिखाई देती हैं। यहां का शांत वातावरण और हरियाली इसे पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए खास बनाती है। बारिश के समय यहां धुंध और बादलों का मेल इसे और रहस्यमय बना देता है।7. धुआंधार झरना (मध्य प्रदेश)

नर्मदा नदी पर स्थित यह झरना संगमरमर की चट्टानों के बीच से गिरता है। मानसून में इसका पानी इतना तेज होता है कि गिरते समय धुएं जैसा धुंधला बादल बन जाता है, इसी वजह से इसे “धुआंधार” कहा जाता है। यहां बोटिंग और केबल कार का एक्सपीरियंस भी मिलता है, जो इसे और अट्रैक्टिव बनाता है।8. जिब्ही झरना (हिमाचल प्रदेश)

यह झरना छोटा जरूर है लेकिन बेहद शांत और सुंदर है। देवदार के घने जंगलों के बीच यह जगह मानसून में किसी पोस्टकार्ड जैसी लगती है। यहां पानी की हल्की आवाज, ठंडी हवा और हरियाली मिलकर एक मेडिटेशन जैसा एक्सपीरियंस देती है।9. भिवपुरी झरना (महाराष्ट्र)

मुंबई के पास स्थित यह झरना मानसून में एडवेंचर प्रेमियों के लिए बहुत पॉपुलर है। यहां ट्रेकिंग, स्लाइडिंग और प्राकृतिक पूल में नहाने का अनुभव मिलता है। बारिश के मौसम में यह जगह पूरी तरह वाइब्रेंट हो जाती है और वीकेंड पर भारी भीड़ रहती है।10. नोहसंगिथियांग झरना (मेघालय)

हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।